January 20, 2021

ओकी एलईडी टीवी की उच्च गुणवत्ता वाली रेन्ज राजस्थान में लॉंच

उदयपुर। भारत की तेजी से बढ़ रही विनिर्माण कंपनियों में से एक ओकी वेंचर्स ने देश के कई राज्यों में भारी सफलता पाने के बाद अब […]
January 20, 2021

OKIE Electronics vies lucrative growth opportunities in Rajasthan

Launches its high quality and value for money range of OKIE LED TVs in the state Udaipur :  After much success in multiple states across India, one […]
January 20, 2021

भारत के आर्थिक सुधारों के लिए चांदी उत्पादन एक उम्मीद की किरण

उदयपुर ।   चांदी एक बहुमूल्य धातु है और मानव जाति के लिए सबसे अनुकूलनीय और संसाधन-संपन्न धातुओं में से एक है। इसका उपयोग सोलर सेल से नैनो तकनीक के लिए किया जाता है। भारत दुनिया में चांदी के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है और हम चाहिए तो चांदी के सबसे बड़े उत्पादक भी बन सकते हैं। वेदान्ता में हम दो दशकों से भी अधिक समय से खनिजों एवं धातुओं की वास्तविक क्षमता का दोहन कर भारत की आत्मनिर्भरता यात्रा के भागीदार है। इसी प्रतिबद्धता के साथ, कंपनी ने चांदी सहित धातुओं और खनिजों को उजागर करने वाले एक केंद्रित अभियान की शुरुआत की है, जो राष्ट्र के लिए आर्थिक सुधार प्रक्रिया को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अभियान वेदांता नंद घर पर भी केंद्रित है जो आधुनिक सुविधाओं के साथ आंगनवाड़ी इकोसिस्टम तंत्र को बदल रहा है और बाल कुपोषण के उन्मूलन, इंटरैक्टिव शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और कौशल विकास प्रदान करने वाली महिलाओं को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। समाज को वापस देना वेदांता के आधारभूत मूल्य का हिस्सा है और नंद घर का उद्देश्य जमीनी स्तर पर 8 करोड़ महिलाओं और 2 करोड़ बच्चों के जीवन को बदलना है। चांदी अपने सांस्कृतिक और आर्थिक उपयोगों के मामले में मूल्यवान है और देश के व्यवसायों और शिल्पकारों को इसकी सामर्थ्य, अपील और प्रतिभा के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। हर साल, भारत 6000 मीट्रिक टन चांदी का आयात करता है (्कुल मांग का 85% -90%), जो वित्तीय वर्ष 2020 में लगभग 17,022 करोड़ रुपये था, जबकि देश में 30,000 मीट्रिक टन चांदी के भंडार मौजूद है, जो मांग से 5 गुना ज्यादा है। राजस्थान एक खनिज समृद्ध राज्य है और जहां देश के सम्पूर्ण चांदी का लगभग 98 प्रतिशत है। खनन राज्य के लिए इस बड़े अवसर को बनाने, राजस्व में कई गुना वृद्धि और रोजगार सृजन करने में कदद कर सकता है। इसका एक महत्वपूर्ण जरिया है सरकार एवं उद्योग साझेदारी के माध्यम से एक्सप्लोरेशन को खोलकर विदेशी मुद्रा व्यय को कम करना। सिल्वर की क्षमता पर बात करते हुए, श्री अरुण मिश्रा, सीईओ हिंदुस्तान जिंक ने कहा, “विश्वभर में उत्पादित चांदी का लगभग 80 प्रतिशत उद्योगों में उपयोग किया जाता है जबकि भारत में यह 20-25 प्रतिशत से भी कम है। समय की जरूरत है कि चांदी के भंडारों का दोहन किया जाए और आपूर्ति में नियमितता और निरंतरता लाई जाए और सभी एमएसएमई और एसएमई उद्योगों और चांदी का उपयोग करने वाले स्थानीय कारीगरों को मजबूत किया जाए। हमारे जैसे भारतीय उत्पादकों ने यह सुनिश्चित किया है कि भारतीय चांदी वैश्विक मानकों के अनुरूप शुद्धता और समापन बराबर रहे। वेदान्ता इस उद्योग में अग्रणी लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए अग्रसर है और चांदी चांदी देश के 5 ट्रिलियन डॉलर सपने को पूरा करने का सशक्त माध्यम बन सकता है।’
January 18, 2021

एचडीएफसी बैंक को 8760 करोड़ का शुद्ध लाभ

उदयपुर I निजी क्षेत्र के सबसे बड़े एचडीएफसी बैंक के चालू वित्त वर्ष की दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस दौरान […]
January 14, 2021

जिंक स्मेल्टर देबारी को मिला आईसीसी एन्वायरमेंट एक्सीलेंस अवार्ड : 2020

उदयपुर।  हिंदुस्तान जिंक के जिंक स्मेल्टर देबारी ने पर्यावरण प्रबंधन में एक और उपलब्धि हासिल की है। जिंक स्मेल्टर को प्रतिष्ठित आईसीसी एन्वायरमेंट एक्सीलेंस अवार्ड 2020 प्राप्त किया है। यह अवार्ड कंपनी की पर्यावरण प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जैव विविधतता को हिंदुस्तान जिंक ने अपने कार्यक्षेत्रों पर पहली प्राथमिकता पर रखा है। सभी जगहों पर जैव विविधता को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कंपनी ने माइनिंग और स्मेल्टर के संचालन में पर्यावरण के लिए अनुकूल कदम उठाए हैं। भविष्य में भी इसमें लगातार नवाचार की योजना पर काम चल रहा है 14वें आईसीसी एन्वायरमेंट एक्सीलेंस अवार्ड के लिए जूरी पैनल में प्रख्यात बिजनेस लीडर, पर्यावरण विशेषज्ञ, मैनेजमेंट, अर्थशास्त्री, न्यायाधीश समेत कई प्रतिष्ठित लोग शामिल थे। इसकी अध्यक्षता अलोके मुखर्जी ने की थी। हिंदुस्तान जिंक के देबारी स्मेल्टर ने बड़े व्यवसायिक संगठनों लार्ज बिजनेस आर्गेनाइजेशन श्रेणी में यह अवार्ड जीता है। जिंक स्मेल्टर देबारी की ओर से गहन वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण क्षेत्र में मील का पत्थर बना। वनमहोत्सव में महिलाओं, किसानों और स्वयं सहायता समूहों सहित समुदायों ने अपने क्षेत्र में 7500 से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया। अवार्ड की खासियत:  पर्यावरण के क्षेत्र में आईसीसी एनवायरमेंट एक्सीलेंस अवार्ड सबसे प्रतिष्ठित है जो भारतीय चैंबर आॅफ काॅमर्स यानी आईसीसी द्वारा बेहतर पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक कंपनी या समूह को दिया जाता है। यह आयोजन पर्यावरण जागरूकता लाने के साथ सतत विकास की दिशा में संगठनों को प्रेरित करने के लिए मंच प्रदान करता है।
January 12, 2021

घुटना प्रत्यरोपण करवा चुके लोगों ने किया रैम्प वॉक

उदयपुर। पारस जे.के. हॉस्पिटल व एनपीसीएल द्वारा आयोजित समारोह में एनपीसीएल के वे कर्मचारी जिनका पूर्व में डॉ. आशिष सिंघल ने जोड़ प्रत्यारोपण किया था, उनके […]
January 8, 2021

ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य हेतु संजीवनी है हिन्दुस्तान जिंक की स्माइल ऑन व्हील्स

उदयपुर। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए स्माइल ऑन व्हील्स, वरदान साबित हो रही है। अक्टूबर 2018 से यह परियोजना हिन्दुस्तान जिंक द्वारा […]
January 7, 2021

Covid vaccine fraud

Udaipur : Beware of the new Covid-19 scam that asks to make a payment or share financial details to increase your vaccination eligibility. According to a […]
January 7, 2021

एचडीएफसी बैंक ने कोविड वैक्सीन के नाम पर हो रही धोखाधड़ी से जागरूक किया, चलाया अभियान

उदयपुर। एचडीएफसी बैंक लिमिटेड ने विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के नए टीके (वैक्सीन) के नाम पर की जा रही धोखाधड़ी से लोगों को जागरूक किया है। एक […]