February 11, 2021

हिंदुस्तान ज़िंक सप्लायर एंगेजमेंट रेटिंग में ‘ए’ स्काॅर से प्रमाणित

उदयपुर । हिन्दुस्तान जिंक भारत की एकमात्र एवं विश्व की सबसे अग्रणीय जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी है जो सीडीपी द्वारा जारी सप्लायर एंगेजमेंट रेंिटंग ‘ए’ […]
February 8, 2021

जिंक कार्बन उत्सर्जन को जीरो लेवल पर पहुंचाने के लिए अंडर ग्राउंड माइनिंग में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल करेगा

एपिरोक रॉक ड्रिल एबी के साथ किया एमओयू, माइनिंग में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने वाली हिंदुस्तान जिंक पहली कंपनी होगी उदयपुर। कार्पोरेट जगत में सामाजिक […]
February 5, 2021

जावर माइंस सखी शक्ति फेडरेशन की वार्षिक सभा में नव कार्यकारिणी का गठन

उदयपुर। जावर सखी शक्ति फेडरेशन के वार्षिक अधिवेशन में सखी शक्ति फेडरेशन की नयी कार्यकारणी का चुनाव रामपाल मीणा टीम लीडर मंजरी फाउण्डेशन जावर के सानिध्य […]
January 30, 2021

‘प्रतिभा’-ऑनलाइन टैलेंट हंट में प्रतिभागी बनने का अंतिम अवसर

उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक द्वारा सीएसआर पहल के तहत पंडित चतुरलाल मेमोरियल सोसाइटी की सहभागिता से ‘प्रतिभा’ – एक अद्वितीय ऑनलाइन टैलेंट हंट’ में प्रतिभागी बनने का […]
January 28, 2021

हिन्दुस्तान जिंक प्रधान कार्यालय में 72वां गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित

उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय में 72वां गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा ने […]
January 25, 2021

Hindustan Zinc’s Rampura Agucha Mine wins top awardat the International Convention on Quality Control Circles

Udaipur :  Hindustan Zinc’s Rampura Agucha Mine has won ‘Platinum’ award at the 45th International Convention on Quality Control Circles organized by Quality Circle Forum of […]
January 25, 2021

क्वालिटी सर्किल फोरम आॅफ इंडिया द्वारा हिन्दुस्तान जिंक की रामपुरा आगूचां माइंस प्लेटिनम अवार्ड से सम्मानित

उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक की रामपुरा आगुचा माइंस को क्वालिटी सर्किल फोरम आॅफ इंडिया द्वारा आयोजित 45वें इंटरनेशन कन्वेंशन में प्लेटिनम अवार्ड से सम्मानित किया गया। फोर्थ […]
January 20, 2021

हिन्दुस्तान जिंक लि. के तीसरी तिमाही और नौमाही के परिणाम घोषित

अब तक का सबसे अधिक अयस्क उत्पादन; भूमिगत आॅपरेशन अपनाने के बाद से न्यूनतम नौमाही उत्पादन लागत उदयपुर। ज़िंक, सीसा और चांदी की अग्रणी वैश्विक एकीकृत […]
January 20, 2021

भारत के आर्थिक सुधारों के लिए चांदी उत्पादन एक उम्मीद की किरण

उदयपुर ।   चांदी एक बहुमूल्य धातु है और मानव जाति के लिए सबसे अनुकूलनीय और संसाधन-संपन्न धातुओं में से एक है। इसका उपयोग सोलर सेल से नैनो तकनीक के लिए किया जाता है। भारत दुनिया में चांदी के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है और हम चाहिए तो चांदी के सबसे बड़े उत्पादक भी बन सकते हैं। वेदान्ता में हम दो दशकों से भी अधिक समय से खनिजों एवं धातुओं की वास्तविक क्षमता का दोहन कर भारत की आत्मनिर्भरता यात्रा के भागीदार है। इसी प्रतिबद्धता के साथ, कंपनी ने चांदी सहित धातुओं और खनिजों को उजागर करने वाले एक केंद्रित अभियान की शुरुआत की है, जो राष्ट्र के लिए आर्थिक सुधार प्रक्रिया को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अभियान वेदांता नंद घर पर भी केंद्रित है जो आधुनिक सुविधाओं के साथ आंगनवाड़ी इकोसिस्टम तंत्र को बदल रहा है और बाल कुपोषण के उन्मूलन, इंटरैक्टिव शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और कौशल विकास प्रदान करने वाली महिलाओं को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। समाज को वापस देना वेदांता के आधारभूत मूल्य का हिस्सा है और नंद घर का उद्देश्य जमीनी स्तर पर 8 करोड़ महिलाओं और 2 करोड़ बच्चों के जीवन को बदलना है। चांदी अपने सांस्कृतिक और आर्थिक उपयोगों के मामले में मूल्यवान है और देश के व्यवसायों और शिल्पकारों को इसकी सामर्थ्य, अपील और प्रतिभा के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। हर साल, भारत 6000 मीट्रिक टन चांदी का आयात करता है (्कुल मांग का 85% -90%), जो वित्तीय वर्ष 2020 में लगभग 17,022 करोड़ रुपये था, जबकि देश में 30,000 मीट्रिक टन चांदी के भंडार मौजूद है, जो मांग से 5 गुना ज्यादा है। राजस्थान एक खनिज समृद्ध राज्य है और जहां देश के सम्पूर्ण चांदी का लगभग 98 प्रतिशत है। खनन राज्य के लिए इस बड़े अवसर को बनाने, राजस्व में कई गुना वृद्धि और रोजगार सृजन करने में कदद कर सकता है। इसका एक महत्वपूर्ण जरिया है सरकार एवं उद्योग साझेदारी के माध्यम से एक्सप्लोरेशन को खोलकर विदेशी मुद्रा व्यय को कम करना। सिल्वर की क्षमता पर बात करते हुए, श्री अरुण मिश्रा, सीईओ हिंदुस्तान जिंक ने कहा, “विश्वभर में उत्पादित चांदी का लगभग 80 प्रतिशत उद्योगों में उपयोग किया जाता है जबकि भारत में यह 20-25 प्रतिशत से भी कम है। समय की जरूरत है कि चांदी के भंडारों का दोहन किया जाए और आपूर्ति में नियमितता और निरंतरता लाई जाए और सभी एमएसएमई और एसएमई उद्योगों और चांदी का उपयोग करने वाले स्थानीय कारीगरों को मजबूत किया जाए। हमारे जैसे भारतीय उत्पादकों ने यह सुनिश्चित किया है कि भारतीय चांदी वैश्विक मानकों के अनुरूप शुद्धता और समापन बराबर रहे। वेदान्ता इस उद्योग में अग्रणी लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए अग्रसर है और चांदी चांदी देश के 5 ट्रिलियन डॉलर सपने को पूरा करने का सशक्त माध्यम बन सकता है।’