टैफे – Be a #FarmDost अभियान की ‘100 फार्मर्स. 100 स्टोरिज़’ फ़ोटो और वीडियो स्टोरी प्रतियोगिता शुरू

उदयपुर : टैफे–टैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड, संख्या के आधार पर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी ने अपनी ‘Be a #FarmDost’ पहल के तहत कृषक समुदाय को समर्पित, ‘100 Farmers. 100 Storiesएक राष्ट्रव्यापी फ़ोटो और वीडियो प्रतियोगिता शुरू की है। इस अनोखी प्रतियोगिता का उद्देश्य संपूर्ण भारत से सर्वोच्च 100 प्रेरणात्मक कहानियों को एकत्र करना है और अदृश्य कृषक समुदाय तथा कृषि के पेशे पर लोगों का ध्यान केंद्रित करना है। इस प्रतियोगिता में दो प्रमुख श्रेणियां हैंफ़ोटो स्टोरिज़ और वीडियो स्टोरिज़, और इन श्रेणियों के विजेताओं की पुरस्कार राशि
2,20,000 की क़ीमत तक होगी, इसके अलावा विजेता प्रविष्टियों में दर्शाए चुनिंदा किसानों को भी पुरस्कृत किया जाएगा।

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इस प्रतियोगिता में 13 से अधिक वर्ष की आयु के सभी भारतीय, बिना किसी प्रवेश शुल्क के भाग ले सकते हैं, और इसे डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चलाया जा रहा है, ताकि प्रतिभागी किसानों से मिलें और उनकी प्रेरणात्मक कहानियों को उनके फ़ोटों व वीडियो के ज़रिए भेजें, जिसमें उनकी ऐसी कहानियां हों जिससे कृषि के प्रति सकारात्मकता दिखाई दे और समाज में किसानों के योगदान को सराहा जाए। यह प्रतियोगिता 29 फ़रवरी, 2020 तक चालू है, और इसमें प्रतिभागी सीधे फ़ार्म दोस्त की वेबसाइट: farmdost.com/100Farmers100Stories पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं और अपनी प्रविष्ठियां भेजकर भाग़ ले सकते हैं।

इस प्रतियोगिता के ज्यूरी सदस्यों में वरिष्ठ हस्तियाँ और अनुभवी विशेषज्ञ शामिल हैं। टी. आर. केसवन, ग्रुप प्रेसिडेंट–कॉर्पोरेट रिलेशन्स एवंएलायंस – टैफे, ज्यूरी के विशेष सलाहकार होंगे। ज्यूरी सदस्यों में सुनिता सुब्रमण्यन– प्रमुख, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन्स, टैफे; पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित राम सरन वर्मा–किसान, बीएनकुमार– माने हुए पत्रकार, हरि गणेश देसिकन–स्ट्रेटेजिक सलाहकार और ब्रांड कंसलटेंट, आनंदाराय–क्रिएटिव डायरेक्टर – रीडिफ्यूज़न, और फैज़ान पटेल–फ़ोटोग्राफ़र और सोशल मीडिया प्रभावी, शामिल हैं। अपने चौथे वर्ष में, टैफे की ‘Be a#FarmDost’ पहल के तहत 100 Farmers. 100 Stories प्रतियोगिता ऐसी कहानियों को सामने लाएगा जो शहरी, ग्रामीण, जवान, बुज़ुर्ग – सभी लोगों को किसानों से जुड़ने और बातचीत करने के लिए, उनके सराहनीय काम और उनके जीवन को गहराई से जानने के लिए, और हमारे देश निर्माण में किसानों के योगदान को पहचानने और सम्मान देने के लिए प्रेरित करेगी।