राजस्थान से लेकर मुंबई तक ‘सागवान’ का जलवा, रीयल सिंघम ने पहले दिन तोड़े कई रिकॉर्ड

उदयपुर |  राजस्थानी सिनेमा के इतिहास में शुक्रवार का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। उदयपुर के जांबाज पुलिस अधिकारी हिमांशु सिंह राजावत की फिल्म ‘सागवान’ ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर वो कर दिखाया, जिसकी उम्मीद बड़े-बड़े फिल्म पंडितों को भी नहीं थी। राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के सिनेमाघरों में ‘सागवान’ की ऐसी लहर चली कि पहले ही दिन कई बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए।
बॉक्स ऑफिस पर ‘हाउसफुल’ की गूँज :
सुबह के पहले शो से ही जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और अहमदाबाद जैसे शहरों के सिंगल स्क्रीन से लेकर मल्टीप्लेक्स तक हाउसफुल के बोर्ड नजर आए। ट्रेड एनालिस्ट्स के अनुसार, ‘सागवान’ ने क्षेत्रीय सिनेमा के लिए ओपनिंग डे के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। दर्शकों का उत्साह ऐसा था कि कई जगहों पर पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
दर्शकों के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र रहे हिमांशु सिंह राजावत। पर्दे पर जब असली वर्दीधारी अधिकारी ने अपराधियों को धूल चटाई, तो थिएटर तालियों और सीटियों से गूँज उठा। दर्शकों का कहना है कि अजय देवगन और अक्षय कुमार जैसे ‘रील हीरोज’ के बाद अब उन्हें *’रीयल सिंघम’* मिल गया है, जो न केवल स्क्रीन पर बल्कि असल जिंदगी में भी समाज की रक्षा करता है।


फिल्म सिर्फ एक्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसकी संवेदनशील कहानी ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया। मेवाड़ के सागवान जंगलों में फैले अंधविश्वास, बलि प्रथा और मासूमों के मर्डर की रीयल केस फाइलों पर आधारित इस कहानी को देख कई दर्शक भावुक हो गए।
एक युवा दर्शक ने कहा कि हमने ऐसी रीयल पुलिसिंग पहले कभी नहीं देखी। फिल्म का क्लाइमेक्स आपको हिलाकर रख देता है। महिला दर्शकों ने फिल्म के सामाजिक संदेश की सराहना की और इसे अश्लीलता मुक्त ‘पारिवारिक फिल्म’ बताया।
25 साल बाद आई इस 100 % राजस्थानी फिल्म ने साबित कर दिया है कि अगर कहानी में दम हो और कलाकार ईमानदार हों, तो बिना किसी बॉम्बे क्रू या भारी-भरकम बजट के भी विश्व स्तरीय सिनेमा बनाया जा सकता है। फिल्म में हिमांशु राजावत के साथ सयाजी शिंदे, एहसान खान और मिलिंद गुणाजी के अभिनय को भी खूब सराहा जा रहा है। मुंबई के समीक्षकों ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि फिल्म की विजुअल क्वालिटी और तकनीकी बारीकियां किसी बड़े बजट की बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं हैं। राजस्थानी कलाकारों ने यह साबित कर दिया कि हुनर किसी बड़े शहर का मोहताज नहीं होता।
पहले दिन की हाउसफुल रिपोर्ट के बाद अब गुजरात और मध्यप्रदेश के वितरकों ने भी फिल्म के शोज बढ़ाने की मांग शुरू कर दी है। बिना किसी गॉडफादर के, केवल कंटेंट और काबिलियत के दम पर ‘सागवान’ ने राजस्थानी सिनेमा के लिए एक नया ‘रोडमैप’ तैयार कर दिया है।
पहले दिन के मुख्य आंकड़े :
स्क्रीन काउंट : 5 राज्यों में 150+ स्क्रीन्स।
ऑक्यूपेंसी :  राजस्थान में औसतन 85% से 90% (मॉर्निंग और ईवनिंग शो)।
रिस्पॉन्स : राजस्थान और गुजरात के बेल्ट में जबरदस्त ‘माउथ पब्लिसिटी’
‘सागवान’ की पहले दिन की सफलता ने यह साफ कर दिया है कि यह फिल्म आने वाले हफ्तों में बॉक्स ऑफिस के कई बड़े किलों को फतह करेगी। यह फिल्म उन लोगों के लिए एक जीत है जो साफ-सुथरे और संदेशपरक सिनेमा का इंतजार कर रहे थे।

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