उदयपुर। श्री एकलिंगजी ट्रस्ट, उदयपुर द्वारा बताया कि फाल्गुन कृष्णा त्रयोदशी तदनुसार 15 फरवरी 2026 रविवार को कैलाशपुरी स्थित मंदिर श्री एकलिंगनाथ जी में महाशिवरात्रि का महोत्सव रात्रि 10.00 बजे से मनाया जाएगा। (15/2/2026 को त्रिकाल पूजा सामान्य दिनों की तरह होती है।)
महाशिवरात्रि की विशेष पूजा फाल्गुन कृष्णा त्रयोदशी की रात्रि 10.00 बजे से आरम्भ होती है जो चार प्रहर तक निरन्तर चलती रहती है और दूसरे दिन दिनांक 16.2.2026 प्रातः 11.30 से 12.00 बजे के बीच पूर्ण होती है। चारों प्रहर की पूजा में विशेष श्रृंगार, किया जाता है। विशेष पंचामृत धारण होता है।
पंचामृत: महाशिवरात्रि पर चारों प्रहर की पूजा में प्रत्येक प्रहर में 13 रूद्रीपाठ होते हैं। प्रत्येक प्रहर में सवा नौ किलो प्रत्येक दूध, दही, घी, शहद एवं शक्कर से पंचामृत धारण श्री एकलिंगनाथ के होता है। इस प्रकार कुल 46( किलो की मात्रा में पंचामृत की सामग्री एक प्रहर में चढ़ाई जाती है एवं 52 रूद्राभिषेक होते हैं।
महाशिवरात्रि पर पैलेस बैण्ड सेवामें चारों प्रहर बजता रहता है। महाशिवरात्रि पर चारों प्रहर की पूजा में दर्शन रविवार दिनांक 15.2.2026 रात्रि 10.00 बजे से दूसरे दिन दिनांक 16.2.2026 सोमवार अपरान्ह तक निरन्तर खुले रहेंगे, क्योंकि महाशिवरात्रि की पूजा निरन्तर चलती रहेगी है। दर्शनार्थी सोमवार दिनांक 16.02.2026 सुबह 11.30 बजे तक महाशिवरात्रि के दर्शन लाभ ले सकेंगे, इसके बाद नियमित त्रिकाल पूजा आरम्भ होगी जिसके चलते सामान्य दर्शन पुनः सोमवार दिनांक 16.2.2026 रात्रि 8 बजे तक खुले रहेंगें।
विशेष अपील: ट्रस्ट की ओर से सभी श्रद्धालुओं से अपील की जाती है कि वे रविवार दिनांक 15.02.2026 सुबह की बजाय 15.2.2026 बुधवार रात्रि 10.00 बजे से सोमवार दिनांक 16.01.2025 दोपहर तक महाशिवरात्रि के दर्शनों का लाभ लेवें।
