“घर बैठे करें स्व-गणना, जनगणना 2027 में निभाएं अपनी भागीदारी”

प्रमुख जनगणना अधिकारी व जिला कलक्टर ने की आमजन से अपील
मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का प्रथम चरण 1 मई से
उदयपुर ।
भारत की जनगणना 2027 के तहत 1 मई से शुरू हो रहे मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की स्व- गणना प्रक्रिया को लेकर जिला कलक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी गौरव अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे स्व-गणना कर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय योगदान दें।
जिला कलक्टर ने बताया कि भारत की जनगणना, राष्ट्र की एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं व्यापक प्रशासनिक प्रक्रिया है। जनगणना के माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक से संबंधित सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्रित की जाती है। इन आंकड़ों के आधार पर केंद्र एवं राज्य सरकारे विभिन्न विकास योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की योजना बनाती है। जनगणना के अंतर्गत संकलित आंकड़ों की शुद्धता, परिपूर्णता एवं विश्वसनीयता अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये आकडे शासन-प्रशासन में नीति निर्माण एवं निर्णयों को आधार प्रदान करते हैं। अतः जिले के प्रत्येक निवासी का यह दायित्व है कि इस राष्ट्रीय कार्य में सहभागिता करते हुए सही एवं पूर्ण जानकारी प्रदान करें।
जनगणना के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के स्व- गणना का कार्य 1 मई से 15 मई तक तथा फील्ड कार्य दिनांक 16 मई से 14 जून तक किया जाना है। इस महत्वपूर्ण कार्य को जनसहभागिता के साथ सफल बनाने के लिए आवश्यक है कि जिले के प्रत्येक नागरिक तथा जनसामान्य इस प्रक्रिया के महत्व को समझते हुए सक्रिय रूप से इसमें सहयोग करें।
पूरी तरह डिजिटल और तकनीक आधारित :
जिला कलक्टर ने बताया कि डिजिटल इंडिया पहल के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप, जनगणना 2027 में डेटा संग्रहण और प्रसार की गुणवत्ता, दक्षता तथा समयबद्धता को सुदृढ करने के उद्देश्य से इस बार जनगणना 2027 पूर्ण डिजिटल आधारित होगी। इसके लिए एक समर्पित मोबाइल अनुप्रयोग (एचएलओ एप्लीकेशन) का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आम नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा राजस्थान में 1 से 15 मई तक एक समर्पित वेब पोर्टल (एसई-सेंसस डाॅट जीओवी डाॅट इन) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। यह पोर्टल मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर किए जाने वाले डेटा संकलन के प्रारंभ होने से ठीक पूर्व 15 दिनों की अवधि के लिए आमजन के लिए खुला रहेगा। यह वेब पोर्टल अंग्रेजी, हिंदी तथा 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। परिवार का मुखिया लगभग 15-20 मिनट में स्व-गणना की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए परिवार संबंधी विवरण दर्ज करा सकते है। स्व-गणना में सहभागिता एक सुरक्षित एवं सरल माध्यम प्रदान करती है, जिसके माध्यम से परिवार का मुखिया अपनी सुविधा के अनुसार परिवार संबंधी विवरण उपलब्ध करा सकते हैं। स्व-गणना पहचान संख्या अपने मोबाइल/ईमेल पर प्राप्त कर सकता है। प्रगणक के परिवार के भ्रमण के दौरान, स्व-गणना के विवरण की पुष्टि एवं अंतिम प्रस्तुतिकरण के लिए यूनिक आईडी प्रगणक के साथ साझा करना आवश्यक होगा। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण अर्थात मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के सबंध में परिवार के मुखिया एवं सदस्यों से 34 प्रश्नों पूछे जाएंगे जो कि जिसमें मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के संबंध में परिवार को उपलब्ध सुविधायें, परिवार द्वारा धारित परिसंपत्तियों के संबंध में प्रश्न पूछे जाएंगे।
जिला परिषद में विशेष कैम्प :
जिला कलक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी सबसे पहले अपने परिवार की स्व-गणना करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की यह पहल आमजन के लिए प्रेरणा बनेगी और जनभागीदारी बढ़ाने में मदद करेगी। एडीएम प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि 1 मई को जिला परिषद सभागार में विशेष कैम्प लगाया जाएगा। इसमें कलक्ट्रेट तथा जिला परिषद स्टाफ स्वगणना करेंगे। इसी प्रकार ब्लॉक स्तर पर विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे।
“सिर्फ अधिकृत पोर्टल का ही करें उपयोग” :
जिला कलक्टर ने आमजन को साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि स्व-गणना केवल अधिकृत पोर्टल के माध्यम से ही करें। उन्होंने चेताया कि किसी भी फर्जी लिंक या कॉल के झांसे में न आएं और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सतर्क रहें। प्रेसवार्ता के दौरान जिला जनगणना अधिकारी एडीएम प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़, उप जिला जनगणना अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक सांख्यिकी पुनीत शर्मा सहित विभिन्न समाचार पत्रों, इलेक्ट्रोनिक एवं डिजिटल मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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