नवजात की मौत पर चिकित्सालय में भारी हंगामा, महिला चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप

चित्तौड़गढ़ (मुकेश मूंदड़ा )। जिला मुख्यालय स्थित महिला एवं बाल चिकित्सालय में एक नवजात शिशु की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा खड़ा कर दिया। पीड़ित परिवार ने ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक पर घोर लापरवाही और समय पर इलाज न देने का गंभीर आरोप लगाया है। अस्पताल में बढ़ते तनाव को देखते हुए जिला कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। जानकारी के अनुसार अरनिया पंथ निवासी प्रसूता रीना पत्नी देवीलाल तेली को प्रसव के लिए महिला एवं बाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। उन्होंने वहां मौजूद स्टाफ और संबंधित महिला चिकित्सक को बार-बार बच्चे को देखने के लिए गुहार लगाई, लेकिन चिकित्सक ने समय पर सुध नहीं ली। उचित और त्वरित उपचार न मिलने के कारण नवजात ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। वे आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में ही चिकित्सक के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों की मांग है कि दोषी चिकित्सक के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें तुरंत निलंबित किया जाए। अस्पताल में हंगामे और तनाव की सूचना तुरंत जिला कलेक्टर को दी गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश पर उपखण्ड अधिकारी बीनू देवल और तहसीलदार तुरंत महिला एवं बाल चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों से बात कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। माहौल को बिगड़ता देख सदर थाना पुलिस भी दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने अस्पताल परिसर में कानून व्यवस्था संभाली और परिजनों को उचित जांच का आश्वासन दिया। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने पीड़ित पक्ष को समझा-बुझाकर मामला शांत कराने की कोशिश की। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि जांच में डॉक्टर या अस्पताल स्टाफ की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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