सेवा शिविरों के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही सरकार
आमजन शिविरों का लें अधिकाधिक लाभ, लोगों की समस्याओं का हर हाल में हो समाधान, अधिकारी नहीं
लाभार्थियों को पट्टे, प्रमाण पत्र, सहायता राशि के चेक एवं सहायक उपकरण किए वितरित
उदयपुर जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को उदयपुर प्रवास के दौरान उदयपुर विकास प्राधिकरण में आयोजित शहरी सेवा शिविर का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शिविर में उपस्थित लाभार्थियों से संवाद कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं शिविर के संबंध में फीडबैक लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति के तक जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है ताकि लाभजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक व्यक्ति की आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सेवा शिविरों के माध्यम से पट्टा वितरण, नामांतरण, शुद्धिकरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न राजस्व एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रकरणों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवश्यक जांच एवं प्रक्रिया के कारण अतिरिक्त समय लगने वाले प्रकरणों के निस्तारण के लिए फाॅलोअप शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिविरों में आमजन से जुड़े छोटे-से-छोटे कार्य को भी गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिविरों में आमजन की समस्याओं का समाधान हर हाल में किया जाए तथा इसमे किसी प्रकार की कोताही नहीं करते। उन्होंने निदेश दिए कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और जरूरतमंद नागरिकों को सभी मूलभूत सुविधाएं सहज रूप से उपलब्थ हों। पार्क, सड़कों, नालियों, सीवर बिजली तथा अन्य नगरीय सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने आमजन से आह्वान किया कि वे स्वयं भी अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों को शिविरों तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि पात्र व्यक्ति योजनाओं और सेवाओं में वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों की समन्वित भागीदारी से ही इन शिविरों की सार्थकता सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम के दौरान निम्बाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी की ओर से तैयार कराई गई विकास पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री तथा जिले के प्रभारी हेमन्त मीणा, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, निम्बाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी, संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी, पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव, जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल, युडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना, समाजसेवी पुष्कर तेली, गजपाल सिंह राठौड़ सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा आमजन उपस्थित रहे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने शिविर स्थल पर विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरण किया। इसमें युडीए की ओर से नरेश जैन एवं संतोष औदिच्य को पट्टा विलेख, रामेश्वर लाल सुखवाल को भवन निर्माण स्वीकृति, खेमराज डांगी को भू उपयोग परिवर्तन प्रमाण पत्र प्रदान किया। नगर निगम की ओर से शकुन्तला स्वामी, संजय तंबोली, दिनेश अग्रवाल, महेंद्र मेहता को 69 क पट्टा विलेख, सोहनलाल चंदेल को ट्रेड लाईसेंस प्रदान किया। इसी प्रकार राजीविका के तहत पद्मावती सीएलएफ भुवाणा की सपना एवं गीता को 1 करोड़ 5 लाख 35 हजार रूपए की अनुदान सहायता राशि का चेक भेंट किया। वहीं लीड बैंक के माध्यम से सौरभंिसह को मशरूम की खेती के लिए स्वीकृत 1 करोड़ 20 लाख रूपए की लोन राशि का चेक प्रदान किया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से सलीम मोहम्मद को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 41 हजार रुपए का चेक प्रदान किया गया। वहीं दिव्यांग नारायणी बाई को व्हीलचेयर और खेमराज गमेती को स्मार्ट कैन प्रदान की गई। लाभार्थियों ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने शिविर स्थल पर विभिन्न स्टाॅल्स का अवलोकन करते हुए आमजन के प्रार्थना पत्रों एवं समस्याओं के निस्तारण के बारे में जानकारी ली।

