मोलेला के प्रसिद्ध मूर्तिकार भग्गालाल कुम्हार को ‘डॉक्टर ऑफ लेटर्स’ की मानद उपाधि

उदयपुर। राजस्थान की विश्वप्रसिद्ध मोलेला टेराकोटा कला को देश-विदेश में पहचान दिलाने वाले प्रसिद्ध कलाकार भग्गालाल कुम्हार को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के 31वें दीक्षांत समारोह में ‘डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डी- लिट.) विद्या वाचस्पति’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, पारंपरिक मोलेला टेराकोटा कला के संरक्षण तथा इस प्राचीन लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।
भग्गालाल कुम्हार ने पीढ़ियों से चली आ रही मोलेला की पारंपरिक मिट्टी कला को अपनी मेहनत और हुनर के माध्यम से नई पहचान दिलाई है। उनकी कलाकृतियों ने राजस्थान की समृद्ध लोक एवं हस्तशिल्प परंपरा को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
31वें दीक्षांत समारोह के गरिमामय अवसर पर उत्तरप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल, विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलाधिपति एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में भग्गालाल कुम्हार को यह सम्मान प्रदान किया गया।