राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर साईं तिरुपति विश्वविद्यालय के पैसिफिक चिकित्सा विज्ञान संस्थान में हुआ ‘युवा संवाद’

उदयपुर : उमरड़ा स्थित पर साईं तिरुपति विश्वविद्यालय के पैसिफिक चिकित्सा विज्ञान संस्थान में “युवा शक्ति – राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका” के विषय पर “युवा संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी, नेतृत्व एवं सकारात्मक नागरिक सहभागिता के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं भारत माता के चरणों में पुष्प अर्पण के साथ हुआ। इसके पश्चात वंदे मातरम राष्ट्रगीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का परिचय करवाते हुए उनका पारंपरिक रूप से पगड़ी धारण करवाकर सम्मान एवं स्वागत किया गया। इस अवसर पर डॉ. दिलीप पारेख ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में साई तिरुपति यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. प्रशांत नाहर, पिम्स के प्रिंसिपल एवं कंट्रोलर डॉ. सुरेश चंद्र गोयल एवं चिकित्सा निदेशक डॉ. कमलेश शेखावत की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में उपस्थित युवा चिकित्सकों एवं छात्रों को सम्बोधित करते हुए कुलपति डॉ. प्रशांत नाहर ने राष्ट्र निर्माण और समाज के कल्याण के लिए युवा शक्ति का आवाह्न किया और नेशनल मेडिकल आर्गेनाईजेशन द्वारा युवा चिकित्सकों को राष्ट्र हित तथा राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना की।
युवा संवाद सत्र में गेस्ट्रोसर्जन डॉ. के.के. बिश्नोई, डॉ. योगेश सिंघल एवं डॉ वैभव चित्तोरा डॉ. जयदीप ठाकोर ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने युवाओं की जिम्मेदारियों, समाज के प्रति उनके दायित्व तथा राष्ट्र के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (चित्तौड़ प्रांत) के सह प्रांत प्रचारक डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने संघ के ‘पंच परिवर्तन’ — पर्यावरण संरक्षण, नागरिक शिष्टाचार, कुटुंब प्रबोधन, स्व का बोध और सामाजिक समरसता पर विशेष बल दिया। उन्होंने युवाओं से आभासी दुनिया से बाहर निकलकर ‘रील से रियल’ जीवन की ओर लौटने तथा समाज, परिवार व पर्यावरण के प्रति अपने दायित्वों को निष्ठापूर्वक निभाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय एवं जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, अनुशासन और सकारात्मक सोच देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अपने विचार रखने के साथ-साथ प्रश्न पूछने और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त करने का अवसर भी दिया गया। प्रश्न एवं जिज्ञासा समाधान सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों ने विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर वक्ताओं के साथ संवाद किया।
इस अवसर पर फैकल्टी की ओर से डॉ. अजय चौधरी ने भी अपने प्रेरणादायी विचार एवं अनुभव साझा करते हुए कार्यक्रम के दौरान युवाओं की भूमिका को केवल भविष्य के नेतृत्व तक सीमित न रखते हुए वर्तमान में जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। युवाओं को सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक सहभागिता, जागरूकता एवं सकारात्मक नेतृत्व के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ। डॉ. अजय चौधरी ने धन्यवाद दिया । संचालन एवं एंकरिंग डॉ. यामिनी सभरवाल एवं डॉ. सोनाली कुकरेजा ने की।