ओस्टियोपैथी चिकित्सा शिविर में 400 मरीजों को मिली राहत

पुराने दर्द के गैर-सर्जिकल प्रबंधन, सही व्यायाम और विशेषज्ञ सलाह के प्रति किया जागरूक
उदयपुर।
पीआईएमएस मल्टीस्पेशियलिटी सिटी हॉस्पिटल, मीरा नगर एवं सावरलाल ओस्टियोपैथी सेंटर, जोधपुर के तत्वावधान में आयोजित विशेष ओस्टियोपैथी चिकित्सा शिविर में मरीजों का उत्साह देखने को मिला। शिविर में लगभग 400 मरीजों ने उपचार एवं विशेषज्ञ परामर्श का लाभ लिया। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज लंबे समय से चले आ रहे दर्द की समस्याओं को लेकर शिविर में पहुंचे। शिविर में कमर दर्द, गर्दन दर्द, एड़ी का दर्द, कोहनी का दर्द, पुराना माइग्रेन एवं सिरदर्द, स्लिप डिस्क सहित विभिन्न मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं से परेशान मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया। उपचार के बाद कई मरीजों ने दर्द में राहत महसूस होने की बात कही।
पीआईएमएस सिटी हॉस्पिटल के चेयरमैन नमन अग्रवाल ने कहा कि लंबे समय से पुराने दर्द से परेशान मरीजों को उचित जांच एवं विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर उपचार के विभिन्न विकल्पों की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कई दर्द संबंधी समस्याओं में मरीज की स्थिति के अनुसार सर्जरी से पहले गैर-सर्जिकल उपचार विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।
डॉ. नंद किशोर पाराशर एवं डॉ. गिरिराज पराशर ने शिविर के दौरान लोगों को ओस्टियोपैथी चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से दर्द की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेकर उचित उपचार एवं व्यायाम को अपनाना चाहिए। विशेषज्ञों ने बताया कि प्रत्येक मरीज की स्थिति अलग होती है। उचित जांच एवं विशेषज्ञ सलाह के आधार पर कई मामलों में गैर-सर्जिकल दर्द प्रबंधन के विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। ओस्टियोपैथी के साथ फिजियोथेरेपी, सही व्यायाम और आवश्यक जीवनशैली सुधार भी मरीज के पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिविर में मरीजों को दर्द प्रबंधन, ओस्टियोपैथी, फिजियोथेरेपी एवं उनकी समस्या के अनुसार उचित व्यायाम के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने लोगों को समय पर उपचार लेने और बिना विशेषज्ञ सलाह के लंबे समय तक दर्द को नजरअंदाज नहीं करने के लिए प्रेरित किया।
शिविर के सफल आयोजन में प्रणव खामेसरा, डॉ. कल्पेश पूर्बिया एवं पीआईएमएस हॉस्पिटल की पूरी टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। आयोजकों ने बताया कि शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों तक विशेषज्ञ परामर्श पहुंचाना तथा लोगों को दर्द प्रबंधन के गैर-सर्जिकल विकल्पों और सही व्यायाम के प्रति जागरूक करना है।