दिवेर विजय महोत्सव 16 सितंबर से, प्रताप गौरव केन्द्र में होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएं
चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, भाषण, फोटोग्राफी, रील मेकिंग, पोस्टर और निबंध प्रतियोगिताओं के साथ लघु फिल्म कार्यशाला का आयोजन
उदयपुर। मुगल आक्रांताओं पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की निर्णायक जीत के साक्षी दिवेर युद्ध विजय की स्मृति के उपलक्ष्य में प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में 16 सितंबर से 26 सितम्बर तक भव्य दिवेर विजय महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष विभिन्न आयोजनों के साथ दिवेर विजय पर विशेष नुक्कड़ नाटक भी तैयार किया गया है जिसका विभिन्न स्थानों पर मंचन किया जाएगा।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने कहा कि दिवेर युद्ध ऐसा युद्ध था जिसमें मुगल सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था, लेकिन इस युद्ध का गौरव आज तक प्रतिस्थापित नहीं हो सका। प्रताप गौरव केन्द्र इसी शौर्य और गौरवपूर्ण इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए तीन वर्ष से दिवेर विजय महोत्सव का आयोजन कर रहा है। अगले कुछ समय में समिति की विभिन्न स्थानों पर उपसमितियां बनाई जाएंगी, जिसके अंतर्गत यह महोत्सव व अन्य आयोजन सूक्ष्म इकाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि दिवेर युद्ध ने समाज में यह आत्मविश्वास जगाया कि विदेशी आक्रांताओं पर विजय प्राप्त की जा सकती है। कालांतर में भारत से बाहर अन्य देशों में जब औपनिवेशिक साम्राज्य से स्वतंत्रता के लिए संघर्ष हुए, वहां भी महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी आदर्श बने। हमारे लिए दिवेर की माटी भी हल्दीघाटी की माटी के समान ही पूजनीय है, इस बात को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास प्रताप गौरव केन्द्र कर रहा है।
प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि 16 सितम्बर को सायंकाल 6 बजे महोत्सव का उद्घाटन होगा। इसमें मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम होंगे, मुख्य अतिथि राज्य के जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी होंगे। इसी दिन दिवेर विजय व मेवाड़ की शौर्यगाथा की चित्र प्रदर्शनी का भी उद्घाटन होगा। इस बार दिवेर विजय पर विशेष नुक्कड़ नाटक तैयार किया गया है। नुक्कड़ नाटक के अलग-अलग दल 16 से 26 सितम्बर के बीच करीब 40 स्थानों पर इसका मंचन करेंगे। नाटक के जरिये महाराणा प्रताप की निर्णायक विजय का डंका गुंजाया जाएगा। 19 से 26 सितम्बर तक प्रताप गौरव केन्द्र परिसर में विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन होगा। इनमें राष्ट्रीय स्तर की चित्रकला कार्यशाला, पुरालेख कार्यशाला भी शामिल होंगी।
महोत्सव के संयोजक रमन सूद ने बताया कि 22 सितंबर को चित्रकला प्रतियोगिता 2026 का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता का विषय ‘महाराणा प्रताप : शौर्य, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण और मेवाड़ की गौरवगाथा या अंत?’ रखा गया है। प्रतियोगिता विद्यालय स्तर पर कक्षा 10वीं से 12वीं तथा महाविद्यालय स्तर पर होगी। प्रतिभागी महाराणा प्रताप के जीवन, संघर्ष, शौर्य, चेतक, हल्दीघाटी, दिवेर युद्ध, वनवासी जीवन अथवा मुगलों से मेवाड़ के संघर्ष से जुड़े प्रसंगों को ऐतिहासिक, समकालीन अथवा मौलिक कलात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत कर सकेंगे। विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए जाएंगे।
20 सितंबर को ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता 2026 आयोजित की जाएगी। पंजीयन की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित की गई है। प्रतियोगिता में तीन वर्ग होंगे। प्रथम वर्ग में कक्षा 6 से 8, द्वितीय वर्ग में कक्षा 9 से 12 तथा तृतीय वर्ग में महाविद्यालय एवं निजी विश्वविद्यालय स्तर के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। विभिन्न वर्गों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के साथ सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। पुरस्कार राशि 1,100 से 7,500 रुपये तक निर्धारित की गई है। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को महाराणा प्रताप, दिवेर विजय तथा मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास की जानकारी प्राप्त करने और अपनी ज्ञान क्षमता परखने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राजस्थान के सह-आयोजन में भाषण प्रतियोगिता 2026 का भी आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य विषय ‘विजयी योद्धा एवं कुशल प्रशासक के रूप में महाराणा प्रताप’ रखा गया है। प्रतियोगिता तीन चरणों में होगी। जिला स्तर की प्रतियोगिता 8 से 10 सितंबर, संभाग स्तर की प्रतियोगिता 17 एवं 18 सितंबर तथा अंतिम राज्य स्तरीय मुकाबला 26 सितंबर को होगा। राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार 11000 रुपये, द्वितीय 7100 रुपये, तृतीय 5100 रुपये तथा 2100 रुपये के दो सांत्वना पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं।
दिवेर विजय महोत्सव के अंतर्गत फोटोग्राफी प्रतियोगिता 2026 भी होगी। मोबाइल एवं कैमरा फोटोग्राफी की दो श्रेणियों में होने वाली इस प्रतियोगिता के लिए 19 एवं 20 सितंबर को सुबह 10 से 12 बजे तथा शाम 5 से 7 बजे तक तस्वीरें ली जा सकेंगी। शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष, चेतक और प्रताप, मेवाड़ की संस्कृति, प्रकाश और छाया में प्रताप, नई पीढ़ी और इतिहास तथा ‘मेरी नजर में महाराणा प्रताप’ जैसे विषयों पर प्रतिभागी अपनी रचनात्मकता प्रस्तुत कर सकेंगे। प्रविष्टियां जमा कराने की अंतिम तिथि 23 सितंबर शाम 5 बजे तक है। कैमरा श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 11000 रुपये, द्वितीय 7000 रुपये एवं तृतीय 5000 रुपये तथा मोबाइल श्रेणी में प्रथम 7000 रुपये, द्वितीय 5000 रुपये एवं तृतीय 3000 रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 1100 रुपये के दो सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
रील मेकिंग प्रतियोगिता 2026 के तहत 19 सितंबर को सुबह 10 से 12 बजे तक रील्स वॉक होगी। रील की शूटिंग के लिए 19 एवं 20 सितंबर को सुबह 10 से 12 बजे तथा शाम 5 से 7 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। प्रतिभागी महाराणा प्रताप का शौर्य, स्वाभिमान और स्वतंत्रता, दिवेर विजय, चेतक और महाराणा प्रताप, प्रताप का संघर्ष और संकल्प, मेवाड़ की गौरवशाली संस्कृति, मेवाड़ की धरती और वीरता, नई पीढ़ी और महाराणा प्रताप तथा ‘प्रताप के विचार और आज का युवा’ जैसे विषयों पर रील तैयार कर सकेंगे। तैयार रील जमा कराने की अंतिम तिथि 23 सितंबर है। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 11000 रुपये, द्वितीय 7000 रुपये, तृतीय 5000 रुपये तथा 1100 रुपये के दो सांत्वना पुरस्कार रखे गए हैं।
सह संयोजक देवेन्द्र श्रीमाली ने बताया कि पोस्टर प्रतियोगिता 2026 के लिए प्रविष्टियां जमा कराने की अंतिम तिथि 22 सितंबर निर्धारित की गई है। इसके परिणाम 23 सितंबर को घोषित किए जाएंगे, जबकि पुरस्कार एवं सम्मान समारोह 26 सितंबर को होगा। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 5100 रुपये, द्वितीय 3100 रुपये, तृतीय 2100 रुपये तथा 501 रुपये के दो सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रतियोगिता के पंजीयन एवं विस्तृत जानकारी के लिए पोस्टर पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन किया जा सकता है।
निबंध प्रतियोगिता 2026 के लिए प्रविष्टियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 17 सितंबर है तथा परिणाम 23 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। प्रतियोगिता तीन श्रेणियों में होगी। विद्यालय स्तर पर कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए ‘महाराणा प्रताप : एक बहुआयामी व्यक्तित्व एवं उनका कृतित्व’ विषय पर 800 से 1000 शब्दों का निबंध लिखना होगा। महाविद्यालय स्तर पर ‘महाराणा प्रताप की वर्तमान प्रासंगिकता’ विषय पर 1300 से 1500 शब्दों का निबंध होगा। मुक्त श्रेणी में बिना आयु सीमा के प्रतिभागी दिवेर युद्ध, सैन्य रणनीति, मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत सहित निर्धारित 10 शोधपरक विषयों में से किसी एक पर 1800 से 2000 शब्दों का निबंध प्रस्तुत कर सकेंगे। विद्यालय स्तर पर प्रथम पुरस्कार 5100 रुपये, द्वितीय 2100 रुपये, तृतीय 1100 रुपये तथा 501 रुपये के दो सांत्वना पुरस्कार हैं। महाविद्यालय स्तर पर प्रथम पुरस्कार 11000 रुपये, द्वितीय 7100 रुपये, तृतीय 5100 रुपये तथा 1100 रुपये के दो सांत्वना पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं।
महोत्सव के अंतर्गत लघु फिल्म निर्माण की कार्यशाला का भी आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला 19 से 26 सितंबर तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। इसमें भाग लेने के लिए 1000 रुपये पंजीकरण शुल्क निर्धारित है, जबकि आवास सुविधा लेने वाले प्रतिभागियों को 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा। कार्यशाला पूर्ण होने पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के महामंत्री दीपक शुक्ल ने बताया कि दिवेर विजय महोत्सव के अंतर्गत आयोजित इन प्रतियोगिताओं एवं कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं और कला एवं रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों को महाराणा प्रताप के जीवन, उनके अदम्य शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष, स्वतंत्रता के प्रति संकल्प तथा मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा को जानने और उसे अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिताओं एवं कार्यशाला के पंजीयन और विस्तृत नियमों के लिए आयोजन से संबंधित पोस्टर में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन किया जा सकता है।
