साई तिरुपति विश्वविद्यालय के एनएसएस प्रकोष्ठ द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का सफल आयोजन

उदयपुर। साई तिरुपति विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ के तत्वावधान में 25 सितंबर से 1 अक्टूबर तक सात दिवसीय विशेष शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं जनजागरूकता गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। एनएसएस के मूल मंत्र “मैं नहीं, आप” को केंद्र में रखते हुए शिविर की सभी गतिविधियों का आयोजन किया गया।
सात दिवसीय शिविर का शुभारंभ उद्घाटन समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर पीआईएमएस के प्रधानाचार्य, डॉ. सुरेश चंद्र गोयल ने डॉक्टर और मरीज के सुसंबद्ध में समाज सेवा का महत्व के बारे में बताया।अकादमिक निर्देशक, डॉ. दिलीप कुमार एल. ने एनएसएस के महत्व एवं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में इसकी भूमिका के बारे में बताया ।  शिविर के दौरान उमरड़ा गांव में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, फतहसागर में स्वच्छता अभियान, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, देदकिया में स्वास्थ्य शिविर एवं रेबीज जागरूकता कार्यक्रम, लकड़वास में महिला सशक्तीकरण जागरूकता कार्यक्रम तथा आशाधाम आश्रम में जरूरतमंदों के लिए दान अभियान सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों, जनजागरूकता एवं समाज सेवा के प्रति जागरूक किया गया।
शिविर के अंतिम दिन रक्तदान शिविर का आयोजन डॉ चंद्रा माथुर के नेतृत्व में किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। रक्तदान शिविर के साथ ही सात दिवसीय विशेष शिविर का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन आशीष अग्रवाल ने कहा कि एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज सेवा से जोड़ने तथा उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।  साईं तिरुपति यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट, डॉ प्रशांत नाहर और रजिस्ट्रार, डॉ देवेंद्र जैन ने स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी सामाजिक एवं जनहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। सात दिवसीय विशेष शिविर के दौरान एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक दीपक तेली तथा कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. अवंतिका गुप्ता, डॉ. सुरेश देव एवं आनंद त्रिवेदी के मार्गदर्शन में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने शिविर में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक जागरूकता, सेवा भावना एवं सामुदायिक सहभागिता का विकास करना रहा।