मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने अहमदाबाद में ‘IAACON 2026’ का उद्घाटन; विशेषज्ञों द्वारा जॉइंट रिप्लेसमेंट में रोबोटिक्स और नई सर्जिकल तकनीकों पर मंथन*

उदयपुर : गुजरात के मुख्यमंत्री  भूपेंद्रभाई पटेल ने अहमदाबाद में ‘IAACON 2026’ का उद्घाटन किया। इंडियन आर्थ्रोप्लास्टी एसोसिएशन की 22वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के विशेषज्ञ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी में रोबोटिक्स, नई तकनीकों और बेहतर उपचार पद्धतियों पर चर्चा कर रहे हैं। कॉन्फ्रेंस में 205 राष्ट्रीय और नौ अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। शैला स्थित ‘द फोरम, सेलिब्रेशन एंड कन्वेंशन’ में आयोजित यह कॉन्फ्रेंस 25 अक्टूबर तक चलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में हर साल 3 लाख से अधिक टोटल हिप और नी रिप्लेसमेंट सर्जरी होती हैं। 12 से 15% की संख्या के साथ, गुजरात इस क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और आधुनिक तकनीकों तथा अनुभवी ऑर्थोपेडिक सर्जनों के कारण एडवांस्ड ऑर्थोपेडिक केयर के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
“इवॉल्विंग आर्थ्रोप्लास्टी: रोबोटिक्स, काइनेमैटिक्स एंड इनोवेशन” थीम पर आधारित कॉन्फ्रेंस में हिप, नी और शोल्डर रिप्लेसमेंट की प्राइमरी, जटिल और रिवीजन सर्जरी पर चर्चा हो रही है। क्लिनिकल केस, सर्जिकल वीडियो और डिबेट्स के जरिए विशेषज्ञ नई तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग और मरीजों के लिए बेहतर उपचार विकल्पों पर विचार साझा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने कहा कि मरीजों के लिए दोबारा चलने-फिरने की क्षमता हासिल करना उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और सक्रियता लौटाने जैसा है। मुझे विश्वास है कि इस कॉन्फ्रेंस में साझा किया जाने वाला ज्ञान मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाने और सर्जनों की अगली पीढ़ी को प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कॉन्फ्रेंस के साथ आयोजित इंडस्ट्री एग्जीबिशन में इमेज-बेस्ड, इमेजलेस और AI-इनेबल्ड 3D रोबोटिक टेक्नोलॉजी प्रदर्शित की जा रही है। विशेषज्ञ सर्जिकल प्लानिंग और इम्प्लांट पोजिशनिंग में इन तकनीकों की उपयोगिता पर भी चर्चा कर रहे हैं।
ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. एच. पी. भालोडिया ने कहा कि जॉइंट रिप्लेसमेंट में नई तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच उनके वैज्ञानिक प्रमाणों और व्यावहारिक उपयोग को समझना जरूरी है। यह कॉन्फ्रेंस विशेषज्ञों को विभिन्न सर्जिकल तरीकों पर चर्चा करने और हर मरीज के लिए उपयुक्त उपचार चुनने का अवसर देती है। कॉन्फ्रेंस में 35 साइंटिफिक सेशंस, चार डिबेट्स, सर्जिकल वीडियो और केस-बेस्ड डिस्कशंस आयोजित किए जा रहे हैं। युवा सर्जनों के लिए विशेष सेशंस रखे गए हैं। चर्चाओं में इम्प्लांट अलाइनमेंट, इन्फेक्शन, सर्जिकल आउटकम्स और एन्हांस्ड रिकवरी आफ्टर सर्जरी (ERAS) प्रोटोकॉल्स जैसे विषय शामिल हैं। ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. धीरज मारोठी जैन ने कहा कि जटिल सर्जिकल केस पर खुलकर चर्चा करने से सर्जनों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है। हमने कार्यक्रम में सवाल-जवाब के लिए विशेष समय रखा है, ताकि युवा सर्जन भी बिना झिझक अपने सवाल और अनुभव साझा कर सकें। कॉन्फ्रेंस से पहले 22 अक्टूबर को बी. जे. मेडिकल कॉलेज में आयोजित कैडेवरिक वर्कशॉप में लगभग 70 फैकल्टी सदस्यों और 180 डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया। इसमें डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच टू हिप रिप्लेसमेंट, यूनिकॉन्डाइलर नी रिप्लेसमेंट और रिवर्स शोल्डर रिप्लेसमेंट की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई। IAACON 2026 के आगामी सेशंस में भी जॉइंट रिप्लेसमेंट की आधुनिक सर्जिकल तकनीकों, क्लिनिकल केस और नई टेक्नोलॉजी पर चर्चा जारी रहेगी।
इस कॉन्फ्रेंस में ‘इंडियन आर्थ्रोप्लास्टी एसोसिएशन’ , ‘इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन’ , ‘गुजरात ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन, अहमदाबाद ऑर्थोपेडिक सोसाइटी और अहमदाबाद आर्थ्रोप्लास्टी एसोसिएशन एक साथ जुड़े हैं।