रुण्डेड़ा । ग्राम पंचायत रूण्डेड़ा में पंचायत भवन के निकट प्राचीन गायरिया बावजी मंदिर का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। शिखर मंदिर करीब 60 लाख रुपए की लागत से मार्बल के पत्थरों से निर्मित किया जा रहा है। साथ ही मंदिर के चारों ओर भामाशाह के सहयोग से ही चारदीवारी भी बनाई जा रही है। कालूलाल अकावत ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य करीब 1 माह में पूरा होने की संभावना है। इसके बाद शिखर मंदिर का ध्वजारोहण व कलश स्थापना का कार्यक्रम होगा। रामलाल जाट पटवारी ने बताया कि भव्य शिखर मंदिर निर्माण कार्य में रुंडेड़ा सहित कई गांवों के भामाशाहों का विशेष सहयोग रहा है। बताया गया कि मंदिर की स्थापना गांव की स्थापना के समय ही हुई थी और यह वर्षों से क्षेत्रवासियों की आस्था का केंद्र रहा है। इस मंदिर में अनेक गांवों से श्रद्धालु दर्शन करने और मन्नत मांगने आते हैं। यहां विराजित गायरिया बावजी को जहर सूखाने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है, जिनकी ख्याति दूर-दूर तक तक फैली हुई है।

ग्रामीण रेनकुमार पालीवाल, भंवरलाल हरजोत, पुष्कर जाट ने बताया कि मंदिर अत्यंत प्राचीन होने से जीर्ण-शीर्ण हो गया था। इसे देखते हुए ग्रामीणों की सर्वसम्मति से मंदिर के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया। वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी ने 25 जनवरी, 2024 को मंदिर निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था। इसके बाद ठेकेदार नारायणदास मनोहरपुरा ने निर्माण कार्य शुरू किया। पिण्डवाड़ा, सिरोही, भीनमाल व जालोर के कुशल शिल्पकार इस मंदिर को संपूर्ण रूप से संगमरमर में तैयार कर रहे हैं। वर्तमान में मंदिर निर्माण कार्य में प्रयुक्त संगमरमर राजसमंद जिले से लाया जा रहा है। रामलाल मेनारिया ने बताया कि ग्राम पंचायत रुण्डेड़ा, स्थानीय ग्रामीणों, अन्य गांवों के भामाशाहों और विधायक के सहयोग से अब तक लगभग 51 लाख रुपए का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही ग्राम पंचायत की ओर से धोली बावड़ी से मंदिर तक सीसी सडक़ भी बनवाई गई है। हाल ही में विधायक मद से मंदिर की चारदीवारी का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। संगमरमर से सजे इस मंदिर की नक्काशी और स्थापत्य कला देखने लायक लग रही है। आने वाले समय में इस मंदिर के न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी क्षेत्र की पहचान बनने की उम्मीद है।
