दिव्यांग सामूहिक विवाह : सेवा महातीर्थ में सजेंगे दिलों के मिलन के फेरे, जोड़े बसाएंगे नया संसार

उदयपुर । नारायण सेवा संस्थान द्वारा आयोजित 45वें दिव्यांग एवं निर्धन निःशुल्क सामूहिक विवाह समारोह की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। सेवा महातीर्थ (लियों का गुड़ा) स्थित आयोजन स्थल को भव्य पांडाल और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। संस्थान की विभिन्न समितियां समारोह को सफल बनाने के लिए लगातार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रही हैं।
संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि इस विशेष आयोजन में देशभर से आने वाले 700 से अधिक अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। समारोह के सुचारू संचालन के लिए स्वागत, भोजन, आवास, परिवहन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं।
शुक्रवार से शुरू होगा अतिथियों का आगमन :
समारोह में भाग लेने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से भामाशाह, अतिथि और वर-वधुओं के परिजन शुक्रवार से उदयपुर पहुंचना शुरू हो जाएंगे। इसी दिन शाम तक विवाह में शामिल होने वाले सभी जोड़े भी सेवा महातीर्थ पहुंच जाएंगे, जहां उनका पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया जाएगा।
शनिवार को होंगी प्रमुख वैवाहिक रस्में :
दो दिवसीय इस विवाह महोत्सव में शनिवार को गणपति पूजन के साथ पारंपरिक वैवाहिक रस्मों की शुरुआत होगी। इस दिन हल्दी, मेहंदी सहित अन्य सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से आए अतिथि और परिजन भाग लेंगे। पूरे परिसर में उत्सव का माहौल रहेगा और दिव्यांग जोड़ों के जीवन के नए अध्याय की खुशियां मनाई जाएंगी।
रविवार को तोरण, वरमाला और सप्तपदी के साथ विवाह :
रविवार को सभी जोड़े पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ तोरण, वरमाला और सप्तपदी (सात फेरे) की रस्में पूरी कर पवित्र विवाह बंधन में बंधेंगे और अपने नए जीवन की शुरुआत करेंगे।