चित्तौड़ जिले के श्री नृसिंह फुलडोल महोत्सव में परिवार संग सम्मिलित हुए डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़

महाराणा प्रताप के अमर साथी चेतक और हाथी रामप्रसाद को किया नमन
चित्तौड़/उदयपुर।
चित्तौड़ जिले के पारसोली ग्राम में आयोजित श्री नृसिंह फुलडोल महोत्सव में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ अपने परिवार संग सम्मिलित हुए। डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ जैसे ही महोत्सव में सम्मिलित होने पारसोली बस स्टैण्ड पहुँचे, वहां अपार जन समुह ने एकलिंग नाथ भगवान के जयकारों के साथ पुष्प मालाओं से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। डॉ. मेवाड़ ने वहां बावड़ी वाले बाला जी मंदिर में श्रीफल आदि भेंट कर भव्य शोभा यात्रा में सम्मिलित हुए।

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चैत्र शुक्ल की एकादशी को पारसोली में आयोजित इस फुलडोल महोत्सव में ठाकुर जी श्री सत्यदेव जी भगवान को छप्पन भोग धराया गया और देर रात्रि तक भजन संध्या व विविध आयोजन हुए। जहां डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने मेवाड़ के अद्वितीय ऐतिहासिक वृतांतों और प्रसंगों को याद कर, मेवाड़ भूमि पर हुए बलिदानों और महाराणा प्रताप के अमर साथी चेतक और हाथी रामप्रसाद का स्मरण कर अपने स्वामी के प्रति पशुओं की प्रेरणादायी सच्ची वफादारी को याद किया। साथ ही मेवाड़ की आन-बान-शान के खातिर मातृ शक्ति के बलिदानों को नमन किया और महाराणा शम्भुसिंह जी द्वारा स्थापित देश की पहली कन्या शम्भुरत्न-पाठशाला का भी जिक्र किया।
इस महोत्सव में सम्मिलित होना डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपने परिवार का परम सौभाग्य बताया। संतों-महंतों के आशीर्वाद और ठाकुरजी के दर्शनों के लिए आयोजकों का धन्यवाद किया और महोत्सव में दूर-दूर से पधारें भक्तजनों और कार्यकर्ताओं को अपनी शुभकामनाएं देते हुए शानदार आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया। डॉ. मेवाड़ के साथ उनकी धर्मपत्नी निवृत्ति कुमारी मेवाड़, सुपुत्र हरीतराज सिंह मेवाड़, सुपुत्रियां मोहलक्षिका कुमारी मेवाड़ और प्राणेश्वरी कुमारी मेवाड़ उपस्थित रहेे।