श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ की प्रथम पुण्यतिथि पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने नम आँखों से दी श्रद्धांजलि

उदयपुर। मेवाड़ के 76वें श्री एकलिंग दीवान श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ की प्रथम पुण्यतिथि पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपने पिता को नम आँखों से दी श्रद्धांजलि और कहा, ‘हृदय आज भी उसी क्षण पर ठहरा है, जब आपने हमें छोड़ अनंत यात्रा आरम्भ की। आपने हमारी परम्परा, संस्कार और मान-सम्मान को सृजित, संरक्षित और गौरवान्वित किया।’
चैत्र कृष्ण की द्वितीया को श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ की प्रथम पुण्यतिथि पर सिटी पैलेस में श्रद्धांजलि सभा रखी गई जहां डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने राजमाता विजयराज कुमारी मेवाड़ और परिवार के सदस्यों के साथ पुष्पांजलि अर्पित की। मेवाड़ परिवार के बाद नगरवासियों, बाहर से आए अतिथियों, पेलेस स्टाफ आदि ने श्रद्धांजलि समर्पित की। पुष्पांजलि के दौरान राजस्थान के प्रसिद्ध लोक गायक छोटू सिंह रावणा द्वारा श्रीजी अरविंद सिंह मेवाड़ को समर्पित स्वरांजली प्रस्तुत की। इस अवसर पर श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड द्वारा किए गए 41 वर्षों के योगदान को याद किया गया।
मेवाड़ के महाकवि स्वर्गीय पण्डित नरेन्द्र मिश्र की लिखी कुछ पंक्तियां इस अवसर पर उन्हें श्रद्धा-सुमन समर्पित की गई :
जिसने पुरखों की गरिमा का पावन सपना साकार किया।
महलों की अमर विरासत को नयनाभिराम आकार दिया।।
अरविन्द मिसाल बने जग में माटी का कर्ज़ चुकाने में।
दीपक से जलते रहे सदा मेवाड़ी फर्ज निभाने में।।
अरविन्द आपकी निष्ठा ने कुछ ऐसा पावन पुण्य किया।
मेवाड़ वंश के वैभव को तुमने अखण्ड अक्षुण्य किया।।