उदयपुर (डॉ. तुक्तक भानावत )। शहर के प्रतिष्ठित फील्ड क्लब के नतीजे आ गए हैं। सेक्रेटरी पद पर उमेश मनवानी ने अपना दबदबा का कायम रखते हुए एक बार फिर परचम लहराया। उन्हें 1111 वोट मिले और निकटतम प्रतिद्वंद्वी बलविंदर सिंह होडा व मनीष नलवाया को दिलचस्प त्रिकाणीय मुकाबले हराया। होडा को 927 व मनीष नलवाया को 133 वोट हासिल हुए। मनवानी 184 वोटों से विजयी रहे। इसी प्रकार उपाध्यक्ष पद पर भूपेन्द्र श्रीमाली 1172 वोट लेकर विजयी रही उन्होंने सुनील मोगरा को मात दी। मोगरा को 988 वोट मिले। श्रीमाली कुल 184 वोटों से चुनाव जीते। कोषाध्यक्ष पद पर गौरव सिंघवी 1022 वोटों लाए। उन्होनें निकटतम प्रतिद्वंद्वी ललित चोर्डिया से 226 वोटों से जीत हासिल की। उन्होंने अब्बास अली और ललित चोर्डिया को त्रिकोणीय मुकाबले में पटखनी दी। कार्यकारी सदस्य पद पर अमित कोठारी, भानुप्रताप धाबाई, ध्रुवी नलवाया, गौरव व्यास, जितेश वनवारिया, कविता कुमावत, सुलभ धरमावत को जीत हासिल हुई।

आज की शाम रोमांचक नतीजों के नाम रही। उम्मीद थी कि नतीजे जल्दी आ जाएंगे लेकिन वोटों की गिनती में वक्त लग गया। उसके बाद रेंडम सेंपलिंग कर मानवीय और मशीनी मतगणना के नतीजों को सभी पक्षों के समक्ष क्रॉसचेक किया गया। इसमें भी थोड़ा सा समय ज्यादा लग गया। रात लगभग पौने 11 बजे नतीजों की घोषणा की गई। इससे पहले शाम को जैसे जैसे नतीजों के रूझान आते गए समर्थकों में जश्न मनाने की होड़ मच गई। ढोल नगाड़ों की थाप पर समर्थकों व परिजनों ने जीत के करीब जा रहे प्रत्याशियों को कंधों पर उठा लिया और विक्ट्री साइन बनाते हुए जमकर खुशी मनाई। जैसे ही नतीजों की आधिकारिक घोषणा हुई, मतगणना स्थल के बाहर जलसे का माहौल हो गया। कुछ हार की कगार पर पहुंचे प्रत्याशी पहले ही रामा-श्याम करके घर चले गए लेकिन बाकी प्रत्याशियों ने हाथ मिलाकर एक दूसरे को बधाई दी। इस हाई प्रोफाइल मंजर को देखने के लिए प्रत्याशियों के परिजनों के साथ ही बड़ी संख्या में दोस्त भी पूरे लवाजमे के साथ मौजूद रहे व जश्न को यादगार बना दिया। औपचारिक समारोह में सभी जीते हुए प्रत्याशियों का भव्य स्वागत किया गया। निवर्तमान हुए सदस्यों ने नए सदस्यों को क्लब की कमान सौंपी व सुनहरे भविष्य की ओर अग्रसर होने के लिए शुभकामनाएं दीं।
फील्ड क्लब के चुनाव का माहौल इससे पहले सुबह से ही खासा उत्साहजनक रहा। सुबह 9 बजे से पहले ही समर्थक क्लब के प्रवेश द्वार पर हाथों में तख्तियां और पेम्पलेट लिए पहुंचे और जोरदार प्रचार शुरू कर दिया। पूरे चुनावी माहौल में एक अलग ही ऊर्जा देखने को मिली। समर्थकों के नारों से माहौल जीवंत हो उठा और प्रत्याशियों के पक्ष में जोरदार समर्थन जताया गया। वोटिंग प्रक्रिया में भी जबरदस्त जोश देखा गया। क्लब परिसर के बाहर वाहनों की लंबी कतारें सहेलियों की बाड़ी तक नजर आईं। अंदर पार्किंग की जगह ही नहीं बची। क्लब के सदस्य सुबह से ही वोट डालने के लिए उत्साहित थे। प्रत्येक सदस्य ने पहले नो-ड्यूज लिया और फिर अपनी सदस्य संख्या के अनुसार तय किए गए बूथ पर जाकर मतदान किया। आचार संहिता के अनुसार चुनाव अधिकारी बीआर भाटी के निर्देशन में व्यवस्था कड़ी, पारदर्शी और सुव्यवस्थित थी। मोबाइल फोन बूथ के बाहर जमा करवा दिए गए और उसके बाद सदस्यों को बूथ के अंदर प्रवेश दिया गया।
बूथ के अंदर मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय रही। पहले मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाई गई, फिर उन्हें एक ओएमआर शीट दी गई जिस पर कुल दस वोट डालने थे। इस बार मतपत्रों की बजाय ओएमआर शीट पर वोट पड़ने से काफी सहूलियत रही। वोटर्स ने प्रत्याशियों के नामों के सामने पेंसिल से गोला भरकर मतदाताओं ने अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट दिया। चुनाव में भाग लेने वालों और समर्थकों के लिए क्लब प्रशासन की ओर से रिफ्रेशमेंट की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। दिनभर चुनावी माहौल में हल्के-फुल्के तो कभी तेज आवाज में नारों की गूंज सुनाई देती रही, जो मतदान समाप्ति तक जोश भरती रही। यह सिलसिला शाम 5 बजे तक चलता रहा जब तक वोटिंग पूरी नहीं हो गई। फील्ड क्लब में कुल 3699 सदस्य रजिस्टर्ड है जिनमें से 2256 ने वोटिंग की।
शाम तक पूरे शहर में चर्चा का विषय यही चुनाव बने रहे। इस बार मुकाबला पिछली बार की तुलना में अधिक कांटे का नजर आया। जिन प्रत्याशियों को अपनी जीत पक्की लग रही थी, वे भी हर वोट को केलकुलेट करके अंतिम गणित बिठाने में जुटे रहे। सुबह से ही कई सदस्यों के पास फोन कॉल्स आते रहे, जिनमें सामाजिक संगठनों के उच्च पदाधिकारी, जान-पहचान वाले और पार्टी-पॉलिटिक्स से जुड़े लोग चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास करते नजर आए। महिलाओं और युवाओं में भी चुनाव को लेकर खासा उत्साह देखा गया। वे पूरे जोश के साथ मतदान प्रक्रिया में शामिल हुए और अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
वन टू वन प्रचार काम आया :
इस बार भी प्रचार माध्यमों में सोशल मीडिया ज्यादा हावी रहा, लेकिन वन-टू-वन संपर्क अधिक काम आया। जीते हुए सभी प्रत्याशियों ने कहा कि वन टू वन कांटेक्स से जुड़ाव अच्छा रहा व लोग कन्विंस हुए। इस बार भी सभी पदों पर वे ही चुनकर आए जिन्होंने क्लब को सफलता के नए सोपानों तक ले जाने का वादा किया है।
महिला, युवा और फ्लोटिंग वोटर रहे निर्णायक :
इस बार युवा और महिला वोटर निर्णायक भूमिका में रहे। क्लब के सदस्यों का कहना था कि युवाओं व महिलाओं की भागीदारी पिछले कुछ सालों में बढ़ी व इससे पूरी चुनावी गणित उन्हीं के आस-पास रही। क्लब में आने वाली महिलाओं व युवाओं का भी फुटफॉल बढ़ा है इससे पारिवारिक माहौल और अधिक बढ़ने से सबकी दिलचस्पी इन चुनावों में पहले से ज्यादा देखी गई। इन्होंने ही प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला किया। इसके अलावा करीब 35 से 40 प्रतिशत वोटर को फ्लोटिंग वोटर ने भी कई पदों पर कामल दिखाया व जीत की राह प्रशस्त की।
फील्ड क्लब चुनाव 2025-27 का परिणाम:
फील्ड क्लब चुनाव 2025-27 में कुल 2256 वोट डाले गए। उपाध्यक्ष पद के लिए भूपेंद्र श्रीमाली ने 1172 वोट (51.96%) प्राप्त कर 184 वोटों से विजयी रहे, जबकि सुनील मोगरा को 988 वोट (43.80%) मिले। मानद सचिव पद पर उमेश मनवानी ने 1111 वोट (49.24%) प्राप्त कर 184 वोटों से जीत हासिल की, वहीं बी. एस. होडा को 927 वोट (41.10%) और सी.ए. मनीष नलवाया को 133 वोट (5.89%) मिले। कोषाध्यक्ष पद पर गौरव सिंघवी ने 1022 वोट (45.31%) प्राप्त कर 226 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि ललित चोरडिया (गागू) को 796 वोट (35.28%) और अब्बास अली को 342 वोट (15.16%) मिले।a
कार्यकारिणी समिति के चुनाव में ध्रुवी नलवाया ने 1884 वोट (83.52%), अमित कोठारी ने 1796 वोट (79.62%), गौरव व्यास ने 1731 वोट (76.74%), कविता कुमावत ने 1676 वोट (74.28%), सुलभ धर्मावत ने 1607 वोट (71.22%), भानुप्रताप सिंह ने 1502 वोट (66.58%) और जीतेश वनवारिया ने 1359 वोट (60.25%) प्राप्त किए। इसके अलावा, डॉ. वनिता सिंघी ने 1289 वोट (57.15%), संदीप खतूरिया ने 1261 वोट (55.91%) और मुकेश माधवानी ने 843 वोट (37.38%) प्राप्त किए, लेकिन वे विजयी नहीं हो सके।