सांसद डॉ रावत ने दिशा बैठक में उठाया था पी. एम. किसान सम्मान निधि योजना की सूची में फर्जीवाडा, 550 व्यक्तियों की जांच, 533 अपात्र निकले

सांसद ने तथ्यात्मक जानकारी के साथ दिशा बैठक में उठाया था मामला, सीएम को भेजी थी रिपोर्ट, कलेक्टर ने जांच करवाई
-गांव के गांव अपात्र लोगों से भरे पडे, अभी भी कई अपात्र सामने आएंगे

उदयपुर। डूंगरपुर जिले की कई ग्राम पंचायतों में अपात्र लोगों को पी. एम. किसान सम्मान निधि योजना में लाभान्वित कर दिया गया। सांसद डॉ मन्नालाल रावत की सूचना पर जब जांच हुई तो चौंकाने वाले आंकडे सामने आए, जब सूची में सैंकडों की संख्या में अपात्र लोग सामने आए। अभी तो जांच शुरु हुई है और बडी संख्या में ऐसे लोगों के नाम सामने आएंगे।  
उल्लेखनीय है कि सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने डूंगरपुर जिले की दिशा बैठक में इस मामले को उठाया था और बीएपी नेताओं का इसमें हाथ होने का खुला आरोप लगाया था। सांसद डॉ रावत ने बैठक में बताया था कि बीएपी नेताओं के इशारे पर ऐसे लोगों के नाम जोडे गए हैं जो इस डूंगरपुर जिले के ही नहीं है। इनमें कई सारे मुस्लिम और बांग्ला से जुडे नाम है जिनका डूंगरपुर से कोई लेना देना नहीं है। सांसद डॉ रावत ने इसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को इस संबंध में पत्र लिखा था और तथ्यात्मक जानकारी देते हुए बताया कि जिला डूंगरपुर में पी.एम. किसान सम्मान निधि योजना में अपात्र लोगों को भी सम्मिलित कर लाभान्वित कर दिया गया है, जिसमें जिले की ग्राम पंचायतें बारों का शेर, बोलाडरा, बटका फला एवं गुमानपुरा प्रमुख है। इनकी सूची भी सांसद डॉ रावत की ओर से उपलब्ध करवाई गई। सांसद ने बताया कि जानकारी अनुसार ये अपात्र लाभान्चित जिला डूंगरपुर के मूल निवासी ना होकर बाहरी है। मुख्यमंत्री की ओर से जिला कलक्टर डूंगरपुर को इसकी जांच के आदेश दिए गए।
डूंगरपुर कलेक्टर की ओर से जांच के बाद सांसद डॉ रावत को पत्र के माध्यम से बताया गया कि पी एम किसान सम्मान निधि योजना में अपात्र लोगों को भी सम्मिलित कर लाभान्वित करने के संबंध में जिले के कुल 550 व्यक्तियों की सूची प्राप्त हुई। सूची अनुसार सभी व्यक्तियों की जांच संबंधित तहसीलदार से करवाई गई, जिसमे 17 लाभार्थी पात्र एवं 533 लाभार्थी अपात्र पाए गए। अपात्रता का कारण अधिकतम काश्तकार का मूल निवासी नहीं होना एवं उनसे संपर्क नहीं होना है। कलेक्टर की ओर से करवाई गई जांच में ग्राम पालगामडी, बारो का शेर, बोलाडरा, मानतफला, बटका फलां, मेताली, गुमानपुरा, सेरावाडा में पटवारी व तहसीलदार द्वारा की गई जांच में कुछ को छोडकर सभी अपात्र निकले। इस मामले में सांसद डॉ रावत ने अपात्र लोगों तथा इनके नाम जोडने की साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ कडी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
सांसद डॉ रावत ने आरोप लगाया है कि इतनी बडी संख्या में सूची में फर्जीवाडा होने का मतलब है कि यह एक षडयंत्र के तहत किया गया मामला है। इसमें बडी संख्या में बाहरी मुस्लिम व अन्य लोगों के नाम होने से यह भी खुलासा हो रहा है कि बीएपी नेता बाहरी ताकतों को डूंगरपुर में संरक्षण दे रहे हैं।

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