हिंदुस्तान जिंक द्वारा राजपुरा दरीबा माइन में स्मार्ट ऑपरेशंस को बढ़ावा, टेली-रिमोट माइनिंग की शुरूआत

यह टेक्नोलॉजी 600़ मीटर तक सतह से नियंत्रित ड्रिलिंग करने में सक्षम बनाती है, जिससे 60 मीटर प्रति घंटा की कार्यक्षमता और उत्पादकता में 17 प्रतिशत वृद्धि संभव
उदयपुर :
भारत की एकमात्र और दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक कंपनी है, ने राजपुरा दरीबा माइन में एडवांस्ड टेली-रिमोट ड्रिलिंग सिस्टम की शुरूआत कर अपनी माइनिंग क्षमताओं को और मजबूत किया है। यह कदम स्मार्ट, डिजिटल रूप से सक्षम भूमिगत ऑपरेशंस बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि का प्रतिनिधित्व करता है, जो इनोवेशन, ऑटोमेशन और ऑपरेशनल उत्कृष्टता पर कंपनी के निरंतर फोकस को और सशक्त करता है।
टेली-रिमोट ड्रिलिंग इंजीनियर्स को सतह से भूमिगत उपकरणों को रियल-टाइम सटीकता के साथ संचालित करने की सुविधा देती है। वर्तमान में यह 600 मीटर से अधिक की दूरी तक प्रभावी है, जिसे 800 मीटर तक बढ़ाया जा सकता है, यह 60 मीटर प्रति घंटे की दर से काम करती है। मजबूत वायरलेस कनेक्टिविटी द्वारा सक्षम, यह ब्लास्टिंग चक्रों और शिफ्ट के दौरान निरंतर ड्रिलिंग सुनिश्चित करती है, जिससे उपयोग और दक्षता में सुधार होता है, और कुल उत्पादकता में 17 प्रतिशत की वृद्धि संभव है।
यह टेक्नोलॉजी पहले से ही हिंदुस्तान जिंक की विश्व-स्तरीय सिंदेसर खुर्द और रामपुरा अगुचा खदानों में सफलतापूर्वक संचालित है, जहाँ इसने सुरक्षा, उपकरणों के उपयोग और उत्पादन दक्षता में सुधार लाने में उत्कृष्ट परिणाम दिए हैं। राजपुरा दरीबा में इसका कार्यान्वयन हिंदुस्तान जिंक के ऑपरेशंस में उच्च-प्रदर्शन वाली माइनिंग टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर लागू करने की दिशा में एक और कदम है, जिसका उद्देश्य लगातार विश्व-स्तरीय उत्पादन सुनिश्चित करना है।
इस उपलब्धि पर हिंदुस्तान जिंक के सीईओ और होल-टाइम डायरेक्टर, अरुण मिश्रा ने कहा कि, “राजपुरा दरीबा में टेली-रिमोट सिस्टम की तैनाती, ऑटोमेशन और डिजिटल इनोवेशन से संचालित स्मार्ट, भविष्य के लिए तैयार माइनिंग सिस्टम बनाने पर हमारे फोकस को दर्शाती है। अपने ऑपरेशन्स में एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज को इंटीग्रेट करके, हम परफॉर्मेंस, विश्वसनीयता और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ा रहे हैं, साथ ही भारत में माइनिंग इंडस्ट्री के लिए नए बेंचमार्क भी स्थापित कर रहे हैं।”
हिंदुस्तान जिंक, एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज को तैनात कर मेटल्स और माइनिंग सेक्टर में इनोवेशन को लगातार आगे बढ़ा रहा है, जो सुरक्षा, दक्षता और सस्टेनेबिलिटी को बढ़ाती हैं। वर्तमान में, हिंदुस्तान जिंक वी स्पार्क डीपटेक वेंचर्स के माध्यम से 20 से अधिक टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स के साथ 50 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। कंपनी उत्पादन वृद्धि, लागत अनुकूलन, मूल्य निर्माण, ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) नेतृत्व, और बेहतर सुरक्षा प्रथाओं सहित प्रमुख क्षेत्रों में स्टार्टअप्स के साथ सहयोग करती है।
हिंदुस्तान जिंक ने अपने ऑपरेशन्स में रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन और इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी तकनीकी उत्कृष्टता और इनोवेशन को शामिल किया है। हाल ही में, कंपनी ने अपने ऑपरेशन्स में एक एडवांस्ड एआई -संचालित कैमरा निगरानी प्रणाली को लागू करने की घोषणा की। यह इनोवेटिव समाधान कार्यस्थल सुरक्षा, परिचालन दक्षता और अनुपालन निगरानी सुनिश्चित करता है, जिसके परिणामस्वरूप मानवीय हस्तक्षेप में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने उच्च तापमान वाले स्मेल्टिंग ऑपरेशन्स में रोबोटिक ऑटोमेशन तैनात किया है, जिससे सटीकता बढ़ी है, धातुकर्म कार्यप्रवाह सुव्यवस्थित हुए हैं, और उत्पाद की गुणवत्ता में निरंतरता सुनिश्चित हुई है। भविष्य की ओर देखते हुए, हिंदुस्तान जिंक भूमिगत खदानों की मैपिंग की सटीकता को बढ़ाने और निष्कर्षण योजना को अनुकूलित करने के लिए एलआईडीएआर एण्ड सक्षम ड्रोन-आधारित स्टॉप स्कैनिंग शुरू करने के लिए तैयार है। इन इनोवेशन के माध्यम से, हिंदुस्तान जिंक भारत में माइनिंग के भविष्य को फिर से परिभाषित कर रहा है और इस इंडस्ट्री के लिए नए वैश्विक बेंचमार्क स्थापित कर रहा है।

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