अनाथालय, वृद्धाश्रम और आश्रयगृहों की मदद के लिए जेके तायलिया फाउंडेशन की शुरूआत

उदयपुर (डॉ. तुक्तक भानावत)। अनाथ और निर्धन बच्चों की मदद से लेकर कला और संगीत के क्षेत्र में कदम रखने वाले जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए उदयपुर में आज डॉ. जे.के. तायलिया फाउंडेशन की शुरुआत की गई है।

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उदयपुर के समाजसेवी और इकोन के चेयरमैन, डॉ. जे.के. तायलिया, ने 1 सितंबर को अपने जन्मदिन से पहले इस फाउंडेशन को शुरू करने की घोषणा की है। आज उन्होंने उदयपुर शहर के अनाथालयों, वृद्धाश्रमों, विशेष जरूरतों वाले बच्चों और विद्यार्थियों के लिए बने आश्रयगृहों में जाकर न केवल उपहार वितरित किए, बल्कि अपने स्नेह और ममत्व भाव से सभी का दिल छू लिया।


तायलिया ने कहा कि इस फाउंडेशन के जरिए अनाथ बच्चों, दिव्यांग व्यक्तियों, बुजुर्गों और रात के आश्रयों में रहने वाले लोगों क पूरी सहायता करेगा और उदयपुर जिले में संगीत उद्योग से जुड़े लोगों की मदद और उत्थान के लिए भी काम करेगा। इसमें लोक संगीत, समकालीन संगीत और अन्य शैलियों के कलाकार भी शामिल हैं।
डॉ. तायलिया ने बच्चों से बातचीत की और कहानियां साझा कीं। समाज द्वारा अक्सर भूले गए बुजुर्गों ने डॉ. तयलिया में एक सच्चा दोस्त पाया, डॉ. तायलिया ने उन के साथ बैठकर उनकी बातें सुनीं। विशेष जरूरतों वाले व्यक्तियों के लिए उनके दौरे में जब डॉ. तायलिया ने उनकी चुनौतियों को समझने का प्रयास किया और उनकी जिंदगी को आसान बनाने के लिए सहायक उपकरण प्रदान किए उस पल ने सभी को भावुक कर दिया।


डॉ. तायलिया की ये यात्रा सिर्फ उपहार वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह उनके समाज कल्याण के प्रति गहरे समर्पण का प्रतीक हैं। उनका उद्देश्य वहाँ के लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करना था, इसलिए उन्होंने प्रत्येक संस्था के अनुसार ध्यानपूर्वक उपहार चुने, चाहे वो बच्चों के लिए खिलौने व किताबें हों, विशेष जरूरतों वाले विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक सामग्री हो, या बुजुर्गों के लिए आरामदायक आवश्यक वस्त्र हों, उन्होने दृष्टि बाधित बच्चो के लिए ब्रेल नही किन्तु स्पीकर सिस्टम के साथ ऑडियो बुक उपहार में दिया। डॉ. तायलिया के हर उपहार में सभी के प्रति गहरी चिंता झलक रही थी।