‘जीवन जीने का नया अंदाज’ कार्यक्रम 16 जुलाई को

उदयपुर। नारायण रेकी सत्संग परिवार, उदयपुर की ओर से ‘जीवन जीने का नया अंदाज’ कार्यक्रम का आयोजन 16 जुलाई रविवार को टाउन हॉल में होगा। इस आयोजन की मुख्य वक्ता ग्रैंड मास्टर नारी रत्न श्रीमती राजेश्वरी मोदी, ‘राज दीदी’ होंगी। आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए उदयपुर सेंटर हेड गुणवंती गोयल व उनकी सहयोगी अंकिता अग्रवाल ने बताया कि 16 जुलाई प्रात: 8 से 9.30 बजे तक अल्पाहार तथा 11 से 1 बजे तक दीदी की दिव्य वाणी सुनने को मिलेंगी। बाद में भोजन प्रसादी और फिर 2 से 3 बजे के बीच वरदान रेकी का कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम में प्रवेश पास की व्यवस्था की गई है। एंट्री प्रात: 9.15 बजे तक होगी। टाउन हॉल के सुखाडिय़ा रंगमंच में होने वाले इस आयोजन में श्रोताओं की संख्या 1000 रखी गई है।
गुणवंती गोयल ने बताया कि राज दीदी नारायण रेकी सत्संग की संस्थापिका हैं। देश में अनेक संगठनों द्वारा उन्हें नारी रत्न, राजस्थान शिरोमणि और समाजरत्न जैसे पुरस्कारों से नवाजा गया है। उनके अब तब देश-विदेश में 175 के करीब सत्र आयोजित हो चुके हैं। संस्थान के 46 सेंटर भारत में और सात विदेश में संचालित हैं।
गुणवंती गोयल के अनुसार संस्था ‘इन गिविंग वी बिलीव’ सिद्धांत पर कार्य करती है। राजदीदी 13 अप्रैल 2021 से निरंतर ऑनलाइन प्रात: 4.30 और मध्यान्ह 11.30 बजे दो सत्रों में प्रार्थना करवाती हैं। वर्तमान में अधिकांश व्यक्ति तनाव, बेचैनी, नकारात्मकता तथा डिप्रेशन का अनुभव करते हैं। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि व्यक्ति के विचार, वाणी और व्यवहार में सकारात्मकता लाई जाए। ऐसे में यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने को सकारात्मक सोच किये मिलेगा तो पूरा समाज और राष्ट्र उन्नत होगा।
संस्थान के उद्देश्य :
नारायण रेकी सत्संग परिवार के प्रमुख उद्देश्यों में हर व्यक्ति तन, मन, धन और संबंधों से स्वस्थ हो। हर घर में सुख शांति और समृद्धि हो। हर व्यक्ति उन्नति, प्रगति और सफलता प्राप्त करे। इसी उद्देेश्य की पूर्ति के लिए राजदीदी को उदयपुर आमंत्रित किया है ताकि वे अपने मोटिवेशनल टॉक द्वारा यहां के लोगों में भी बदलाव ला सकें। दीदी की वाणी का ही यह प्रभाव रहा कि देश-विदेश में लाखों लोग उनसे प्रभावित होकर सप्त सितारा जीवन जीते हुए प्रत्येक क्षेत्र में सफलता हासिल कर रहे हैं।
वर्तमान में मुंबई के गोकुलधाम गोरेगांव ईस्ट, गोरेगांव वेस्ट में नारायण रेकी परिवार द्वारा सत्संग के सभी कार्यक्रम संचालित होते हैं। इसके साथ ही यूट्यूब पर भी सत्संग की गतिविधियां देखी जा सकती हैं। कई आध्यात्मिक टीवी चैनल नियमित रूप से कार्यक्रम प्रसारित करते हैं। बच्चों के भी अलग से सेशन होते हैं जिनको नारायण रेकी स्पार्कलिंग स्टार्स के नाम से बुलाते हैं।
गोयल ने बताया कि वर्ष 2015 में हमने भीलवाड़ा में भी दीदी का 3 दिन का सफल सेशन आयोजित किया था। वहां पर भी सेंटर सुचारू रूप से काम कर रहा है। कई लोग प्रामाणिक तौर पर यह कहते हैं कि दीदी के अधिवेशन में भाग लेने के बाद उनके जीवन में चमत्कारिक और सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं।
नारी का सम्मान करना एवं उसके हितों की रक्षा करना हमारे देश की सदियों पुरानी संस्कृति है। बस एक ही संदेश यदि आप अपने घर को सुख शांति समृद्धि से भरना चाहते हैं तो नारी रूपी मां लक्ष्मी, मां सरस्वती का सम्मान करें फिर देखें कैसे हमारा घर-परिवार सुख शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हुआ लगता है। दमयंती, सीता, गार्गी, लीलावती, विद्याधरी, विद्योत्तमा, मदालसा जैसी विदुषी शीलवंती, आदर्श नारियां भारत की विशिष्ट पहचान बनी हुई हैं।

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