श्रीमद्‌भागवत कथा की पूर्णाहुति

उद‌यपुर। नारायण सेवा संस्थान के सेवामहातीर्थ परिसर में शनिवार को सप्त दिवसीय श्रीमद्‌भागवत कथा ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति हुई। बालाजी धाम, आगरा के सन्त द्वय भागवताचार्य श्री अरविंद महाराज एवं श्री राम कथा मर्मज्ञ अभिषेक भाई ने कहा कि मनुष्य अपने जीवन में सब समस्याओं को स्वयं निमंत्रण देता है और प्रभु से उम्मीद रखता है कि वे उनका समाधान करें। वे सब पर कृपा करते हैं, परम दयालु है, मार्ग बता भी देंगे किन्तु क्या हम कभी उनके बताए मार्ग पर चल भी पाए हैं? समस्याओं के निदान का एक ही उपाय है, श्री हरि श्रवण। उनके स्वरूप, गुण और नाम के जाप व श्रवण में ही कल्याण है।

Creative from India to the World

उन्होंने कहा कि ईश्वर को प्रसन्न करने का सबसे सटीक मार्ग परमार्थ है। जीवन इसलिए नहीं है कि हम तेरा-मेरा करते हुए ही अपने दिन पूरे कर लें। उन्होंने जगत कल्याण के लिए प्रभु के विभिन्न अवतारों का जिक्र करते हुए कहा कि श्रीमद्‌भागवत एक कल्पवृक्ष के सामान है,  जिसके आश्रय में जीवन का कल्याण निश्चित है। संचालन महिम जैन ने किया।
संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने उन्हे भावभीनी विदाई देते हुए बताया कि भागवत कथा सप्ताह का आयोजन दिव्यांगों की सहायतार्थ व विश्व कल्याण के निमित्त किया गया जिसका सत्संग चैनल के माध्यम से लाखों धर्म प्रेमियों ने लाभ लिया। विदाई से पूर्व संत द्वय ने संस्थान संस्थापक कैलाश ‘मानव’ से भी भेंट की।