उदयपुर : पैसिफिक इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंसेज (पिम्स ) के ऑर्थोपेडिक विभाग ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। चेयरमैन आशीष अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में 68 वर्षीय मरीज पर सफलतापूर्वक रिवर्स सोल्डर रिप्लेसमेंट सर्जरी की गई, जिससे मरीज को लंबे समय से चल रहे कंधे के दर्द और हाथ की सीमित मूवमेंट से राहत मिली है। मरीज काफी समय से कंधे में तेज दर्द और हाथ उठाने की समस्या से जूझ रहा था। जांच के दौरान पाया गया कि उनके कंधे का रोटेटर कफ गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका था, जिसके कारण उन्हें सामान्य गतिविधियों में भी परेशानी हो रही थी। यह जटिल और उन्नत सर्जरी ऑर्थोपेडिक एवं स्पोर्ट्स इंजरी सर्जन डॉ. शशांक रांका ने अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ सफलतापूर्वक की। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और कंधे की कार्यक्षमता में लगातार सुधार देखा जा रहा है।
डॉ. शशांक रांका ने बताया कि रिवर्स सोल्डर रिप्लेसमेंट एक उन्नत सर्जरी है, जो उन मरीजों के लिए की जाती है जिनमें रोटेटर कफ गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका होता है और सामान्य उपचार से लाभ नहीं मिल पाता। इस सर्जरी के माध्यम से मरीज को दर्द से राहत मिलती है और कंधे की मूवमेंट में भी सुधार होता है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह सफलता पैसिफिक इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंसेज (पिम्स ) के ऑर्थोपेडिक विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे क्षेत्र में उन्नत कंधे की सर्जरी की सुविधा और मजबूत हुई है तथा मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
पिम्स हॉस्पिटल उमरड़ा के ऑर्थोपेडिक विभाग द्वारा रिवर्स सोल्डर रिप्लेसमेंट की सफल सर्जरी
