वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी में संतों के पावन चरण, सेवा और करुणा का केंद्र हुआ आलोकित

उदयपुर। शनिवार का दिन नारायण सेवा संस्थान के लिए प्रेरणादायक रहा जब संस्थान के नव-निर्मित भवन वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी में संतों के पावन चरण पड़े। राष्ट्र संत एवं प्रेरक वक्ता ललितप्रभ सागर महाराज तथा शांतिप्रिय सागर मुनिराज के आगमन से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से अनुप्राणित हो उठा।
संतों की गरिमामयी अगवानी संस्थान के संस्थापक चेयरमैन कैलाश मानव द्वारा की गई। इस अवसर पर ललितप्रभ सागर महाराज ने विधिवत दीप प्रज्ज्वलन कर सेवा, समर्पण और मानवता के इस धाम को आलोकित किया। दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात महाराज ने वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी परिसर का अवलोकन किया और संस्थान द्वारा दिव्यांगजन एवं जरूरतमंदों के लिए किए जा रहे निःशुल्क सेवा कार्यों की सराहना की।
अपने आशीर्वचनों में महाराज ने कहा नारायण सेवा संस्थान केवल एक संस्था नहीं, बल्कि करुणा, संवेदना और मानव मूल्यों की जीवंत पाठशाला है। उन्होंने कहा कि सेवा के जीते-जागते झरने कैलाश मानव जी के पदचिह्नों पर चलकर प्रशांत अग्रवाल एवं वंदना अग्रवाल न केवल संस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं, बल्कि उदयपुर का गौरव भी देश-विदेश में बढ़ा रहे हैं। उन्होंने संस्थान की सतत प्रगति, विस्तार और सेवा कार्यों की निरंतरता की मंगलकामना करते हुए संस्थान के संरक्षक पारस कटारिया के प्रति विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
संबोधि धाम के पदाधिकारी जय प्रकाश, अशोक गुप्ता, विवेक चौधरी व कार्यक्रम आयोजक दिनेश वैष्णव, महिम जैन, दिलीप सिंह चौहान, पं.विकास उपाध्याय, हरिप्रसाद एवं जगदीश डांगी सहित अनेक श्रद्धालु व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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