उदयपुर। दिव्यांगजन की सेवा, उपचार और पुनर्वास के क्षेत्र में चार दशकों से निरंतर कार्य कर रहा राजस्थान के नारायण सेवा संस्थान ने अपना विशाल सेवा परिसर ‘वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी–(मानवता का संसार) बनाया है।
सबसे खास बात यह है कि यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि संवेदना, समर्पण और मानवीय कर्तव्य बोध का मूर्त रूप है। इस बहुमंजिला भवन में सेवा सुविधाओं का संसार है। बुधवार को मीडियाकर्मियों ने उदयपुर में माली कॉलोनी 100 फीट रोड पर इसका अवलोकन किया। इस दौरान संस्थान ट्रस्टी देवेंद्र चौबीसा, मीडिया प्रभारी विष्णु शर्मा हितैषी एवं जनसंपर्क प्रमुख भगवान प्रसाद गौड़ मौजूद रहे।
नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि ‘वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी’ का भूमि पूजन 8 फरवरी 2020 को इस संकल्प के साथ हुआ कि दिव्यांग भाई-बहनों को उपचार से लेकर पुनर्वास तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे कराई जाए। कोरोना महामारी के सबसे कठिन दौर में भी इस सेवा भवन के निर्माण का कार्य रुका नहीं— क्योंकि उद्देश्य केवल भवन बनाना नहीं था, बल्कि पीड़ितों के जीवन में सुविधा पूर्वक बनाना था। विशालता, आधुनिकता और संवेदना का अद्वितीय संगम यह 11 मंजिला, 2 लाख 40 हजार वर्ग फीट में निर्मित विशाल भवन अपनी पूर्ण गरिमा और उद्देश्य के साथ तैयार खड़ा है। संपूर्ण परिसर पूर्णतः वातानुकूलित है तथा आधुनिक चिकित्सा की नवीनतम सुविधाओं से सुसज्जित है।
राजस्थान में ‘वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी’ हॉस्पिटल तैयार, 11 मंजिला है हॉस्पिटल
