वसंत पंचमी : भारतीय ज्ञान परंपरा के पुनर्जागरण का पर्व – माँ सरस्वती पूजन का वैचारिक आयोजन

उदयपुर। भारतीय ज्ञान परंपरा, सनातन संस्कृति एवं राष्ट्रबोध के आलोक में शिक्षा को जीवन निर्माण की प्रक्रिया के रूप में प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के संघटक डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी तथा भारतीय शिक्षण मंडल, चित्तौड़ प्रांत – उदयपुर महानगर के संयुक्त तत्वावधान में वसंत पंचमी महोत्सव के पावन अवसर पर माँ सरस्वती के विधिवत पूजन एवं वैचारिक आयोजन का गरिमामय आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। पूजन के माध्यम से विद्या, विवेक, संस्कार, सृजनशीलता तथा समाजोपयोगी ज्ञान के प्रति सामूहिक श्रद्धा अर्पित की गई। इस अवसर पर संपूर्ण परिसर आध्यात्मिक चेतना, शैक्षणिक गरिमा एवं सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।
विभाग की निदेशक प्रो. मंजू माण्डोत ने कहा कि वसंत पंचमी केवल ऋतु परिवर्तन का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता में ज्ञान के पुनर्जागरण का प्रतीक पर्व है। माँ सरस्वती का पूजन हमें स्मरण कराता है कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल कौशल विकास नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, राष्ट्रबोध एवं समाज के प्रति उत्तरदायित्व का विकास है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल द्वारा प्रवर्तित शैक्षणिक दृष्टि भारतीयता-आधारित शिक्षा व्यवस्था के पुनर्स्थापन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम के दौरान यह भाव विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि भारतीय परंपरा में विद्या को साधना तथा शिक्षक को राष्ट्रनिर्माता के रूप में देखा गया है। माँ सरस्वती पूजन के माध्यम से इस सनातन दृष्टि को वर्तमान शैक्षणिक परिवेश में पुनः प्रतिष्ठित करने का सार्थक प्रयास किया गया। पूजन उपरांत प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता करते हुए आत्मीयता एवं सामूहिकता का अनुभव किया। इस महोत्सव का समापन सामूहिक वन्दे मातरम् गान के साथ हुआ। यह आयोजन शिक्षा को उसकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने तथा भारतीय मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने का सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।
पूजा अर्चना साहित्य संस्थान के डॉ. कुलशेखर व्यास द्वारा की गई। इस अवसर पर विभाग के संकाय सदस्य डॉ. भारतसिंह देवड़ा, डॉ. प्रदीपसिंह शक्तावत, डॉ. भरत सुखवाल, डॉ. दिलीप चौधरी, दुर्गाशंकर, मुकेश नाथ, त्रिभुवन सिंह बमनिया, मानसी नागर, मनोज यादव एवं चिराग दवे सहित अनेक शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
समग्र कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन एवं वैचारिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर सभी उपस्थित जनों ने भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा एवं राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का संकल्प लेते हुए वसंत पंचमी महोत्सव की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।

Related posts:

स्व. श्रीमाली की पुस्तक का लोकार्पण एवं व्याख्यान

एम.बी. हॉस्पिटल में चौबीसों घंटे मुस्तैद रेडियोग्राफर्स

पारस जे. के. हॉस्पिटल में मनाया डॉक्टर्स-डे

सेंट्रल फेब्रिकेशन यूनिट के लिए रोटरी की ग्रांट लांचिंग

भोइयों की पचोली जिला स्तर पर विजेता

गणेशनगर में विराट हिंदू सम्मेलन को लेकर महिलाएं घर-घर दे रही पीले चावल

श्री नाकोड़ा ज्योतिष संस्थान में सुंदरकांड पाठ का आयोजन

केंद्रीय वित्त मंत्री से चित्रकार सूरज सोनी ने की शिष्टाचार भेंट

नए साल की धमाल, से दूर सनातन संस्कृति का कमाल

श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्थान मेवाड़ महिला संगठन की अध्यक्ष बनी रेखा श्रीमाली

ZINC FOOTBALL ACADEMY MOVES ONE STEP CLOSER TOWARDS SHINING AT THE NATIONAL LEVEL

शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए 27वें भामाशाह पुरस्कार में हिन्दुस्तान जिंक को 7 पुरस्कार