हिन्दुस्तान जिंक देबारी स्मेल्टर किसान मेले का आयोजन

जीवनशैली को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए किसान अधिक से अधिक परियोजनाओं का लाभ लें- अनिल त्रिपाठी


उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक देबारी स्मेल्टर द्वारा ग्रामीण विकास र्कायक्रम के अंतर्गत संचालित समाधान परियोजना के तहत मावली तहसील की मेड़ता ग्रामपंचायत के गोडवा में किसान मेले का आयोजन किया गया, जिसमें महिला किसानों सहित 600 किसानों ने भाग लिया। जिं़क स्मेल्टर देबारी के डायरेक्टर अनिल त्रिपाठी ने किसानों से हिन्दुस्तान जिंक और बायफ संस्था द्वारा आसपास के गांवो की जीवनशैली को गुणवत्तापूर्ण बनाने वाली सभी परियोजना के स्वंयसेवी संस्थाओं स्माईल फाउण्डेशन, कोस्वी, मंजरी फाउण्डेशन, खुशी परियोजना एवं किसान समुदाय का संगम स्थापित कर किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी तथा उनके कार्यो की सराहना की।
उन्होंने कहा कि किसानों को खेतु व पशुपालन में आय बढ़ाने के लिए नवीन तकनीक का प्रयोग करना चाहिए। कार्यक्रम में राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के इंद्रजीत माथुर ने कहा कि वे खेती को व्यवसाय के रूप में करें, जिसके लिए सब्जियों और फलदार खेती करें। उन्होंने सम्मनवित खेती के महत्व व इस खेती द्वारा किसानों की आय में बढोतरी करने के उपाय बताये तथा कृषि विश्वविद्यालय उदयपुर द्वारा किसानों हेतु चलाये जा रही परियोजना के बारे में जानकारी दी।
कपिल देव ने कहा कि किसान अधिक से अधिक लाभ उठाएं। कार्यक्रम में बायफ के डॉ. संतोष बंसल ने पशुपालन गतिवियों के बारे में जानकारी दी तथा बायफ द्वारा प्रयोग किऐ जा रहे सोर्टेस सीमेन के महत्व पर प्रकाश डाला। बायफ के नरेश कुमार ने समाधान योजना के तहत् चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर देबारी स्मेल्टर से नंदकुमार, भास्करन सेतुपथी, मदन यादव, साधना वर्मा, प्रफुल्ल मालवीय, गौरव शर्मा, राकेश रोहिला, आरएल शर्मा उपस्थित थे।
किसान मेले में हिन्दुस्तान जिंक की सखी परीयोजना, खुशी परियोजना, कोस्वी, स्माइल फाउण्डेशन, कृषि विभाग, तथा समाधान परियोजना की स्टॉल लगाई गई। किसान मेले में महिला और पुरुष किसानों व पशुपालकों के लिए विभिन्न प्रकार के खेलों के स्टॉल का आयोजन किया गया जिसमें रिंग फेंक, तीरंदाजी, बोल निशाने पर इत्यादि खेलों का आयोजन किया गया जिसमें सभी ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया एवं जीतने वाले लाभार्थियों को खेती-बाड़ी में काम आने वाले आदान जैसे बीज खाद के पैकेट, चारे बीज की कटिंग इत्यादि प्रकार के पारितोषिक प्रदान किए गए। मेले में भाग लेने वाले सभी किसानों को लकी ड्रॉ कूपन भी दिए गए जिसमें से तीन विजेताओं को लकी ड्रॉ जीतने पर पुरस्कार प्रदान किए गए समाधान परियोजना राजस्थान के 5 जिलों के 174 गांवों में कृषि एवं पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 30,000 से अधिक परिवारों के साथ संचालित की जा रही है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में ग्रामीण परिवारों की आजीविका वर्धन करना एवं उनमें कौशल विकास बढ़ाकर नई-नई तकनीकों का कृषि के क्षेत्र में प्रयोग करके उत्पादन एवं आमदनी को बढ़ाना है।

Related posts:

डॉ. लक्ष्यराजसिंह ने केदारेश्वर महादेव की विशेष पूजा-अर्चना की

पिम्स हॉस्पिटल में आंख की गांठ का सफल ऑपरेशन

ऋतु श्रीमाली को पीएचडी की उपाधि

Hindustan Zinc Signs MoU for the Development of Gora Badal Sports Stadium in Chittorgarh Rajasthan

हिन्दुस्तान जिंक ने 52वें राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के दौरान दोहरायी सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धत...

Vedanta Udaipur Music Festival concludes its 6th edition as a fitting ode to Indian Folk Music

पारस जे. के. हॉस्पिटल में फिजियोथेरेपी पर अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित

पिम्स मेवाड़ कप 2026: क्रॉसवर्ड व आदित्यम रियल स्टेट्स ने मुकाबले जीते

मिनरल उद्योग पर ट्रांजिट पास व्यवस्था हटाने से 20 जिलों के मिनरल ग्राइंडिंग उद्योग को राहत मिली

Tata Motors inaugurates fifth Saarthi Aaram Kendra at Udaipur

सिटी पेलेस में होलिका रोपण

नारायण सेवा संस्थान का विशाखापटनम में विशाल कृत्रिम अंग शिविर 7 अप्रेल को