कम्युनिकेशन टुडे की 72वीं वेबिनार आयोजित

Jaipur : महाशिवरात्रि के अवसर पर 406 प्रतिभागियों के पंजीयन की रिकॉर्ड संख्या के साथ कम्युनिकेशन टुडे की 72वीं वेबिनार ‘ ChatGPT: Advantages and Limitations Uncovered ‘ विषय पर आयोजित की गई।
वेबिनार को संबोधित करते हुए इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट, नोएडा के डीन एवं डायरेक्टर डॉ. डी. पी. पति ने कहा की भविष्य तकनीक का है। कृत्रिम बौद्धिकता के इस दौर में चैट जीपीटी जैसे मॉडल जहां समय की बचत करेंगे वहीं उत्पादन में भी वृद्धि करेंगे । पूर्वाग्रह से ग्रस्त डाटा की चुनौती के बीच नैतिक मूल्यों के हृसॎ की ओर भी उन्होंने संकेत किया। उनका मानना था कि आने वाले समय में मीडिया उद्योग के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात होगा।
सुरेंद्रनाथ कॉलेज, कोलकाता के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. उमाशंकर पांडे ने चेट जीपीटी की कार्य पद्धति की चर्चा करते हुए उसके तकनीकी एवं व्यापक व्यावहारिक पहलुओं पर गंभीरता से प्रकाश डाला। उन्होंने विस्तार से समझाते हुए इस भाषाई मॉडल में निहित संभावनाओं की चर्चा करते हुए मीडिया तथा शोध अनुसंधान में इसकी उपयोगिता की संभावनाओं और चुनौतियों की ओर संकेत किया।
आईआईटी गुवाहाटी के स्नातक एवं मशीन लर्निंग इंजीनियर नमन जैन ने चैट जीपीटी के विकास क्रम पर बात करते हुए प्रारंभिक स्तर के रोजगार खत्म होने की आशंका प्रकट की। उनका मानना था इसमें विश्वसनीयता के प्रति हम पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो सकते और न ही इन माध्यमों में आलोचनात्मक क्षमता अभी विकसित हो सकी है।
भारतीय जनसंचार संस्थान के पूर्व प्रोफेसर डॉ. हेमंत जोशी ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि अब हम मीडिया के क्षेत्र में भी एनएलपी की बात करने लगे हैं। उनका मानना था कि वर्ब मैपिंग (Verb Maping) अभी भी एक बहुत बड़ी चुनौती है।
वेबिनार का संचालन करते हुए राजस्थान विश्वविद्यालय के जनसंचार केंद्र के पूर्व अध्यक्ष तथा कम्युनिकेशन टुडे के संपादक प्रो. संजीव भानावत ने विषय प्रवर्तन भी किया। प्रो. भानावत ने कहा कि चैट जीपीटी हमारी रचनात्मक शक्ति को प्रभावित कर सकता है। उनका मानना था कि हर नई तकनीक अपने साथ चुनौतियां और संभावनाएं ले करके आती है लेकिन चैट जीपीटी इंटरनेट की दुनिया में गेमचेंजर साबित होगा।
तकनीकी पक्ष आईआईएमटी यूनिवर्सिटी मेरठ की मीडिया शिक्षक डॉ पृथ्वी सेंगर ने संभाला। भारतीय जनसंचार संस्थान के डॉ राकेश गोस्वामी, राजस्थान विश्वविद्यालय की पूर्व प्रोफेसर डॉ जोया चक्रवर्ती तथा कानपुर के छत्रपति शाहूजी विश्वविद्यालय की डॉ रश्मि गौतम ने भी इस चर्चा में भाग लिया। भारत के विभिन्न अंचलों सहित बांग्लादेश व पाकिस्तान आदि देशों के 406 प्रतिनिधियों ने इस वेबिनार के लिए अपना पंजीयन कराया । कम्युनिकेशन टुडे के मंच से आयोजित अब तक की सभी वेबिनार में पंजीकृत प्रतिभागियों में यह संख्या सर्वाधिक है।

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