वोडाफोन-आइडिया के सुपरस्टार लॉकडाउन के दौरान लोगों को नेटवर्क से जोड़े रख रहे हैं

उदयपुर। काविड-19 के चलते लॉकडाउन के बीच लोग अपने घरों में हैं और पढ़ाई, काम, जरूरी जानकारी एवं मनोरंजन के लिए पूरी तरह से टेलीकॉम नेटवर्क पर निर्भर हैं। वोडाफोन-आइडिया की कस्टमर सर्विस टीमें और फील्ड स्टाफ नेशनल लॉकडाउन की घोषणा के बाद से चौबीसों घण्टे काम कर रहे हैं, ताकि राजस्थान के उपभोक्ता सुरक्षित रह सकें और वोडाफोन-आइडिया के भरोसेमंद टर्बोनेट 4जी के साथ जुड़े रहें।
राजस्थान में वोडाफोन-आइडिया के कस्टमर सर्विस कर्मचारी लॉकडाउन के बाजवूद लगातार काम कर रहे हैं ताकि इस मुश्किल समय में लोग नेटवर्क से जुड़े रहें। उपभोक्ताओं की जानकारी के लिए कई लोकेशनों पर कस्टमर सर्विस एसोसिएट्स के संपर्क विवरण स्टोर केे बाहर दिए गए हैं। सीनियर कस्टमर सर्विस मैनेजर उपभोक्ताओं की सभी ज़रूरतों जैसे केवायसी कम्प्लायन्स, सिमेक्स प्रक्रिया और हैण्ड सेट री-सेटिंग में उनकी मदद कर रहे हैं। यहां वास्तविक जीवन की कुछ कहानियों के उदाहरण दिए गए हैं, जिनमें बताया गया है कि कैसे वीआईएल के सुपरस्टार्स रा’य के उपभोक्ताओं को सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
लॉकडाउन में एक-दूसरे से जुड़े रहने के लिए कनेक्टिविटी एकमात्र तरीका है। परिणामस्वरूप, कभी कभी हमारी टीमों को नेटवर्क में गड़बड़ी होने पर लॉकडाउन के बीच भी काम करना पड़ता है। ऐसा ही कुछ शाह आलम और पंकज अग्रवाल ने भी किया। नेटवर्क की खराबी के चलते उन्हें वेयरहाउस से कुछ ज़रूरी उपकरणों की ज़रूरत थी। शाह आलम और पंकज अग्रवाल ने वेयरहाउस तक ड्राइव किया, वहां से ज़रूरी सामान लिया। कई बैरिकेड्स के बावजूद वे वेयरहाउस तक पहुंचे और उपकरणों को लेकर वहां पहुंचाया जहां इनकी ज़रूरत थी।
उपभोक्ता अपने काम को जारी रखने के लिए आज पूरी तरह हम पर निर्भर हैं। आज के समय में उनके लिए 24/7 घंटे कनेक्टिविटी बहुत ज़रूरी है। हमारे ऐसे ही एक उपभोक्ता एक कंपनी हैं जो यूएस आधारित क्लाइन्ट्स को रिमोट टेकनिकल सपोर्ट सर्विसेज़ उपलब्ध कराती है, इसके लिए ज़रूरी है कि उनका हर कर्मचारी इंटरनेट से जुड़ा रहे। वीआईएल ने उन्हें ब्रॉडबैण्ड कनेक्टिविटी देने की कोशिश की, लेकिन यह सिर्फ &0 फीसदी लोकेशनों में ही काम कर पाई इसलिए हमने शेष कर्मचारियों को डोंगल मुहैया कराने का फैसला लिया। हालांकि अगले ही दिन से लॉकडाउन शुरू हो गया और हमारे चैनल पार्टनर उपभोक्ता तक डोंगल नहीं पहुंचा पाए। तभी हमें आधिकारिक जानकारी मिली कि टेलीकॉम ‘ज़रूरी सेवाओं’ के दायरे में रखा गया है, तभी हमारे कर्मचारी दीपक जैन ने तुरंत हमारे वेयरहाउस से डोंगल कलेक्ट किए और उपभोक्ता तक पहुंचाए, जो कनेक्टिविटी के लिए इंतज़ार कर रहे थे। उन्होंने हर ज़रूरी एहतियात का पालन किया, नियमित रूप से अपने हाथ सैनिटाइज़ किए, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। उन्होंने किसी भी सतह को नहीं छुआ और घर आते ही तुरंत नहाने चले गए। दीपक की वजह से ही हमारे उपभोक्ता का कारोबार नियमित रूप से जारी रह सका।
अखिल मोहम्मद लॉकडाउन के दौरान एक और सुपरस्टार हैं। इस मामले में उपभोक्ता एसटीपीएल था। यह एक ऐसा उद्यम है जो आईएसपी कारोबार में सक्रिय है और व्हीकल ट्रैकिंग डोमेन में भी काम करता है। उन्होंने एक ऐसे प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था जिसे अप्रैल के पहले सप्ताह तक खत्म करना था। हालांकि, लॉकडाउन के कारण उन्हें व्हीकल टै्रकिंग डिवाइसेज़ के लिए आईओटी सिम नहीं मिल पाए। उन्होंने हमसे संपर्क किया और अखिल ने जि़म्मेदारी लेकर उन तक समय पर सिम पहुंचाए। उन्होंने हमारे चैनल पार्टनल के घर तक सिम पहुंचाने की व्यवस्था की। कंपनी के एमडी ने वीआईएल टीम के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दायरे से बाहर जाकर उनके प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने में मदद की है।
गणेश सैनी भी लॉकडाउन केे दौरान वीआईएल के एक और सुपरस्टार हैं। गणेश ने एक डॉक्टर के बारे में सुना, जो बरनबट में एक अस्पताल में प्रेक्टिस कर रहे थे, ड्यूटी के दौरान उनका मोबाइल फोन खो गया। उनके एक सहकर्मी ने उन्हें एक फोन तो दे दिया, लेकिन लॉकडाउन के चलते डॉक्टर को सिम नहीं मिल पा रहा था। गणेेश पास ही के गांव में रहते हैं, वे खुद अस्पताल गए, सभी ऐहतियात बरतते हुए उन्होंने डॉक्टर को नया वोडाफोन नंबर एक्टिवेट करके दिया।
भीलवाड़ा से शाहपुरा तक वीआईएल का एक फाइबर लिंक खराब हो गया, जिसके चलते भीलवाड़ा और आसपास की 100 साईट्स ने काम करना बंद कर दिया। उस समय शहर में कोविड-19 के मामले बहुत अधिक थी। भीलवाड़ा में सुपर कफ्र्यू लगाया गया था। इंजीनियर विवेक और उनकी टीम अशोक, तूफान और जितेन्द्र चित्तूरगढ़ से वहां पहुंचे। रास्ते में उन्हें कई जगहों पर रोका गया। उन्होंने कलेक्टर ऑफिस से संपर्क कर अनुमति ली। टीम लोकेशन पर पहुंची और गड़बड़ी का पता लगाया। गड़बड़ी भीलवाड़ा बस स्टैण्ड के पास थी जो नगर निगम द्वारा नालों की सफाई के दौरान हो गई थी। ओएफसी केबल भी बिटुमेन की सडक़ के नीचे 1.25 मीटर गहराई पर था। टीम ने कड़ी मेहनत इसे इसे ठीक किया और नेटवर्क बहाल किया।
स्वाति चौहान, वीआईएल के साथ वर्चुअल सर्विस डेस्क मैनेजर के रूप में काम करती हैं। उन्होंने बहुत कम समय में बिजऩेस कनेक्टिविटी प्लान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इंटरनल और वेंडर टीमों के साथ काम करते हुए सुनिश्चित किया कि वीएसडी प्रक्रिया पूरी हो जाए और बीसीपी प्लान के मुताबिक जारी रहे। इसके लिए हमारे वीएसएम होम्स में वर्कस्टेशन बनाए गए, वीपीएन आईडी बनाए गए, और नेटवर्क कनेक्टिविटी सिम की व्यवस्था की गई। स्वाति की इस पहल और प्रयासों के चलते हम अपने उपभोक्ताओं को इस मुश्किल समय में नेटवर्क के साथ जोड़े हुए हैं।
सीमा वर्मा उपभोक्ता उन्मुख होने का सही उदाहरण हैं। उन्होंने टाटा कैपिटल टीम को नेटवर्क को बहुत कम समय के अंदर नेटवर्क से जोड़ा। उन्होंने टाटा कैपिटल के लिए घर से काम की पूरी व्यवस्था की, ताकि वे अपने काम का संचालन सुगमता से कर सकें। टाटा कैपिटल फाइनैंशियल सर्विसेज़ टीम ने उनके प्रयासों की खूब सराहना की है।
ये राजस्थान में वीआईएल कर्मचारियों और सर्विस एसोसिएट्स के कुछ उहदारण हैं जिन्होंने बहादुरी का परिचय देते हुए लॉकडाउन के बीच लोगों को अपना काम जारी रखने में मदद की है। उनके प्रयास सराहनीय हैं, जो अपनी ड्यूटी के दायरे से बाहर जाकर लोगों की मदद को सबसे ज़्यादा महत्व दे रहे हैं।

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