हिन्दुस्तान जिंक ने एसएण्डपी ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2026 में शीर्ष 1 प्रतिशत रैंकिंग हासिल की

लगातार 9वें वर्ष शामिल, मेटल्स एंड माइनिंग इंडस्ट्री में लगातार तीसरे वर्ष विश्व में शीर्ष 1 प्रतिशत में स्थान
ईएसजी परफॉर्मेंस में अपनी लीडरशिप और सस्टेनेबल बिजनेस प्रैक्टिस के प्रति कमिटमेंट को मजबूत किया
उदयपुर ।
विश्व की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक प्रोड्यूसर और विश्व में प्रमुख पांच सिल्वर उत्पादक कंपनी में से एक हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड को एसएण्डपी ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2026 में शामिल किया गया है, और इसने अपने कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट सीएसए स्कोर 100 में से 90 के आधार पर मेटल्स एंड माइनिंग इंडस्ट्री में विश्व की शीर्ष 1 प्रतिशत कंपनियों में जगह बनाई है। एसएण्डपी ग्लोबल ने कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी परफॉर्मेंस के अपने सालाना मूल्यांकन के हिस्से के तौर पर यह रैंकिंग जारी की है। यह उन कंपनियों को पहचान देती है जो एनवायरनमेंटल, सोशल और गवर्नेंस के आधार पर इंडस्ट्री में सबसे अच्छा प्रदर्शन करती हैं। यह मील का पत्थर हिन्दुस्तान जिंक को एसएण्डपी ग्लोबल सीएसए 2025 में लगातार तीसरे वर्ष विश्व की सबसे सस्टेनेबल मेटल्स और माइनिंग कंपनी का दर्जा मिलने के बाद मिला है, जिससे रिस्पॉन्सिबल माइनिंग में इसकी ग्लोबल लीडरशिप और मजबूत हुई है।
यह कंपनी का सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक में लगातार नौवां और शीर्ष 1 प्रतिशत श्रेणी में लगातार तीसरा वर्ष है, जो क्लाइमेट स्ट्रैटेजी, वॉटर मैनेजमेंट, ऑर्गेनाइजेशनल वर्कप्लेस प्रैक्टिस, गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स और रिस्क मैनेजमेंट में लगातार परफॉर्मेंस को दिखाता है। इस साल की सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक के लिए 59 इंडस्ट्रीज की 9,200 से अधिक कंपनियों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से सिर्फ 848 ईयरबुक के सदस्य हैं। शीर्ष 1 प्रतिशत में सम्मान ग्लोबल कंपनियों के एक चुने हुए समूह को दिया जाता है जो सेक्टर की दूसरी कंपनियों के मुकाबले लगातार बेहतर ईएसजी प्रदर्शन करती हैं।
यह पहचान हिन्दुस्तान जिंक के लिए हाल ही में सस्टेनेबिलिटी से जुड़े माइलस्टोन्स की एक सीरीज में जुड़ गई है। कंपनी को वित्त वर्ष 2025 बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी और सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट के लिए चैथे आईसीएआई सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग अवार्ड्स में ‘बेस्ट बीआरएसआर रिपोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग (लार्ज कैप)’ का अवॉर्ड मिला। इसे इसके गवर्नेंस-लेड स्ट्रक्चर, मजबूत क्वांटिटेटिव डिस्क्लोजर और ट्रांसपेरेंसी के लिए पहचान मिली। इसकी इंटीग्रेटेड एनुअल रिपोर्ट वित्त वर्ष 2025 और सस्टेनेबल डेवलपमेंट रिपोर्ट 2025 को एलएसीपी स्पॉटलाइट अवार्ड्स 2025 में ‘प्लेटिनम वर्ल्डवाइड’ पहचान भी मिली, जिसमें 500 से अधिक कंपनियों में भारत में पहली और विश्व में छठी रैंक मिली।
इस उपलब्धि पर हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि “लगातार तीसरे वर्ष एसएण्डपी ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक के शीर्ष 1 प्रतिशत में रैंक पाना हम सभी के लिए बहुत गर्व की बात है। यह पहचान हमारे ऑपरेशन के हर पहलू में सस्टेनेबिलिटी को इंटीग्रेट करने की हमारी लगातार कोशिशों को दिखाती है, जिसमें जिम्मेदार माइनिंग और डीकार्बोनाइजेशन से लेकर कम्युनिटी डेवलपमेंट और गवर्नेंस एक्सीलेंस शामिल हैं। यह एक मजबूत, भविष्य के लिए तैयार और सस्टेनेबल मेटल्स बिजनेस बनाते हुए ग्लोबल बेंचमार्क स्थापित करने के हमारे उद्धेश्य को और मजबूत करता है।
हिन्दुस्तान जिंक ने क्लाइमेट एक्शन पर फोकस, क्लीन एनर्जी अपनाने और जिम्मेदार रिसोर्स मैनेजमेंट के जरिए अपने लॉन्ग-टर्म सस्टेनेबिलिटी रोडमैप को आगे बढ़ाना जारी रखा है। मार्च 2025 में, कंपनी ने सेरेंटिका रिन्यूएबल्स के साथ चैबीसों घंटे रिन्यूएबल पावर डिलीवरी एग्रीमेंट साइन किया। इस कदम से उम्मीद है कि इसकी ग्रीन एनर्जी कैपेसिटी बढ़कर 530 मेगा वाॅट हो जाएगी और वित्त वर्ष 2028 तक रिन्यूएबल्स से अपनी बिजली की 70 प्रतिशत आवश्यकता पूरी करने के इसके टारगेट को सहयोग मिलेगा। यह पहल इसके एसबीटीआई -अप्रूव्ड डीकार्बोनाइजेशन पाथवे और 2050 तक या उससे पहले नेट जीरो एमिशन हासिल करने की प्रतिबद्धता का प्रमुख हिस्सा है।
पिछले वर्ष, कंपनी ने ग्रीनहाउस-गैस एमिशन में लगभग 6.7 लाख टन की कमी हासिल की और अपने पावर पोर्टफोलियो में रिन्यूएबल्स का हिस्सा लगभग 19 प्रतिशत तक बढ़ाया। इसने इंटरनेशनल काउंसिल ऑन माइनिंग एंड मेटल्स में शामिल होने वाली पहली भारतीय मेटल्स और माइनिंग कंपनी बनकर अपनी ग्लोबल जिम्मेदार-माइनिंग क्रेडेंशियल्स को भी मजबूत किया, जिससे सबसे ऊँचे इंटरनेशनल एनवायरनमेंटल और सोशल परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड्स के प्रति इसके कमिटमेंट की पुष्टि हुई।
यह लगातार ग्लोबल पहचान हिन्दुस्तान जिंक के सस्टेनेबिलिटी को अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी के केंद्र में रखने के कमिटमेंट को और मजबूत करती है और विश्व की अग्रणी जिम्मेदार मेटल कंपनियों में से एक के तौर पर इसकी जगह को और मजबूत करती है, जो क्लाइमेट के अनुसार काम करने, इनोवेशन और सबको साथ लेकर चलने वाले विकास के जरिए लंबे समय तक मूल्य प्रदान करती है। कंपनी मेटल और माइनिंग इंडस्ट्री को अधिक मजबूत, जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार इकोसिस्टम की ओर ले जा रही है, और अपनी ग्रोथ को क्लाइमेट के लक्ष्यों, समाज की उम्मीदों और ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी स्टैंडर्ड के साथ जोड़ रही है।

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