उदयपुर : बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट 2 महीने 11 दिन बाद उदयपुर सेंट्रल जेल से बाहर आए। जेल से निकलते ही उन्होंने सबसे पहले कैंपस स्थित भगवान शिव के दर्शन किए। इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि
करीब ढाई महीने उदयपुर की जेल में काटे। मुझे उम्मीद नहीं यकीन था कि सच्चाई जरूर सामने आएगी। जेल में मेरा एक दोस्त बना । उसने मुझे मेवाड़ की मिट्टी की तासिर के बारे में बताया। ये मेवाड़ है और यहां सत्य परेशान हो सकता, पराजित नहीं हो सकता है। वहीं मेवाड़ की मिटटी का मैं टीका लगाकर जा रहा हूं। विक्रम भट्ट ने कहा कि मैं श्री कृष्ण का भक्त हूं। मैं वहीं रहा जहां श्रीकृष्ण पैदा हुए थे। मैं उससे बेहतर और दो गुणा इंसान होकर बाहर निकल रहा हूं। एक नया संघर्ष करने के लिए श्री कृष्ण की तरह। श्रीकृष्ण मेरे अंदर है। इस देश के कानून पर मुझे पूरा भरोसा है।
गौरतलब है कि इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को विक्रम भट्ट समेत 8 लोगों के खिलाफ 30 करोड़ की धोखाधड़ी की एफ़आईआर उदयपुर में दर्ज कराई थी। डॉ. अजय मुर्डिया का आरोप है कि एक इवेंट में उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई थी। दिनेश कटारिया ने उन्हें उनकी पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव दिया। इस सिलसिले में दिनेश कटारिया ने 24 अप्रैल 2024 को मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो बुलाया था। कटारिया ने उन्हें विक्रम भट्ट से मिलवाया, जहां भट्ट से बायोपिक बनाने पर चर्चा हुई थी। कुछ दिन बाद विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने डॉ. अजय मुर्डिया को कि वे 4 फिल्में 47 करोड़ में बना सकते हैं। इन फिल्मों की रिलीज से 100 से 200 करोड़ रुपए तक मुनाफा हो जाएगा। इसके बाद डॉ. मुर्डिया ने उनके स्टाफ में अमनदीप मंजीत सिंह, मुदित, फरजाना आमिर अली, अबजानी, राहुल कुमार, सचिन गरगोटे, सबोबा भिमाना अडकरी के नाम के अकाउंट में 77 लाख 86 हजार 979 रुपए ट्रांसफर करवाए। इस तरह 2 करोड़ 45 लाख 61 हजार 400 रुपए ट्रांसफर किए। वहीं इंदिरा एंटरटेनमेंट से 42 करोड़ 70 लाख 82 हजार 232 रुपए का भुगतान किया गया, जबकि चार फिल्मों का निर्माण 47 करोड़ में किया जाना तय हुआ था। मामला दर्ज होने के बाद उदयपुर डीएसपी छगन राजपुरोहित की 6 सदस्यीय टीम ने 7 दिसंबर को मुंबई पहुंचकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को उनके जुहू स्थित गंगाभवन कॉम्प्लेक्स के फ्लैट से गिरफ्तार किया था।
बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट उदयपुर जेल से आए बाहर
