पंडित हरिप्रसाद चौरसिया सहित देश के 10 कलाकार, विद्वान, सामाजिक कार्यकर्ता और एथलीट महाराणा मेवाड़ फाउण्डेशन के सम्मानों से होंगे अलंकृत

42वें राज्य स्तरीय अलंकरणों की घोषणा
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ करेंगे विशिष्ट विभूतियों का सम्मान
उदयपुर।
मेवाड़ की अद्वितीय गौरवगाथा, स्वाभिमान की अटल परंपरा, सांस्कृतिक संरक्षण की सुदीर्घ साधना तथा मानवीय मूल्यों की अविरल धारा को समर्पित महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन ने वर्ष 2026 के राज्य स्तरीय अलंकरणों की घोषणा करते हुए वार्षिक अलंकरण समारोह के संयोजक डॉ. मयंक गुप्ता ने अवगत कराया कि फाउण्डेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की गरिमामयी उपस्थिति में फाउण्डेशन का 42वाँ अलंकरण समारोह आगामी 15 मार्च 2026, रविवार को सायं 4.30 बजे सिटी पैलेस उदयपुर के ऐतिहासिक माणक चौक प्रांगण में आयोजित किया जाएगा।
अपने स्थापना-संकल्प के अनुरूप फाउण्डेशन विगत 41 वार्षिक समारोहों के माध्यम से देश-विदेश की 4,972 विशिष्ट विभूतियों एवं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर चुका है। ये अलंकरण उन प्रेरक व्यक्तित्वों को समर्पित हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता, नवाचार और नैतिक प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए समाज, राष्ट्र और विश्व समुदाय को स्थायी मूल्य प्रदान किए हैं तथा मानवीय उत्कर्ष की परंपरा को सुदृढ़ किया है।


इस वर्ष के इन अलंकरणों में ज्योतिष, वेद विज्ञान एवं कर्मकाण्ड में विशिष्ट योगदान हेतु फाउण्डेशन के महर्षि हारीत राशि सम्मान से वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे को सम्मानित किया जाएगा। 19 वर्षीय वेदमूर्ति देवव्रत ने वाराणसी में 50 दिनों तक पूर्णतः स्मरण शक्ति के आधार पर शुक्ल यजुर्वेद (माध्यंदिन शाखा) के दुर्लभ दंडक्रम विकृतिपाठ का संपादन किया। लगभग 200 वर्षों में पूर्ण दंडक्रम पारायण करने वाले वे विश्व के दूसरे विद्वान माने जाते हैं। उनका यह कार्य लुप्तप्राय वैदिक पाठ परंपरा के पुनर्जीवन की दिशा में ऐतिहासिक महत्व रखता है।


समाज में शैक्षिक, चारित्रिक, नैतिक, सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान हेतु दी जाने वाली स्थायी मूल्य की सेवाओं के लिए महाराणा मेवाड़ सम्मान प्रदान किया जाता है। इस वर्ष यह सम्मान भारत की प्रथम ट्रांसजेंडर महिला सब-इंस्पेक्टर ऑफ पुलिस के. पृथिका याशिनी तथा सीनियर जर्नलिस्ट भुवनेश जैन को प्रदान किया जाएगा। 6 नवम्बर 2015 को मद्रास उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय के पश्चात के. पृथिका याशिनी की नियुक्ति संभव हुई। अप्रैल 2017 में नियुक्ति के बाद उन्होंने धर्मपुरी जिले में कार्यभार संभाला और वर्तमान में चेन्नई में सेवारत हैं। उनकी नियुक्ति वर्दीधारी सेवाओं में समावेशन और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुई।


सीनियर जर्नलिस्ट भुवनेश जैन राजस्थान पत्रिका समूह के निदेशक और उप संपादक हैं, जो 43 वर्षों से मीडिया में सक्रिय राजनीतिक, सामाजिक विषयों, नगरीय विकास, अपराध, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विषयों पर अपनी खास पकड़ रखते हैं, दो दशकों से अधिक की संपादकीय नेतृत्व भूमिका, सार्क एवं जी-20 शिखर सम्मेलनों की कवरेज तथा प्रभावशाली स्तंभ लेखन से और समूह के डिजिटल और टेलीविजन प्लेटफॉर्म को मजबूत बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।


भारतीय संस्कृति, साहित्य एवं इतिहास के क्षेत्र में महाराणा कुम्भा सम्मान उदयपुर के प्रख्यात हिन्दी एवं राजस्थानी साहित्यकार तरुण कुमार दाधीच को प्रदान किया जाएगा। उनकी आलोचनात्मक कृति ‘सूर के संस्कार’ मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के एम.ए. हिन्दी पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। वे ‘साहित्य रत्न’, ‘बाल साहित्य भूषण सम्मान’ एवं ‘राजस्थानी भाषा लेखन सम्मान’ से अलंकृत हो चुके हैं।


ललित कला के क्षेत्र में महाराणा सज्जनसिंह सम्मान अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सैंड आर्टिस्ट अजय रावत को प्रदान किया जाएगा। रावत पुष्कर स्थित नेशनल सैंड आर्ट पार्क के संस्थापक हैं तथा राजस्थान के प्रथम सैंड आर्ट फेस्टिवल के आयोजक रहे हैं। 51 फुट ऊँची महाराणा प्रताप की प्रतिमा सहित अनेक भव्य रेत शिल्पों के माध्यम से उन्होंने इस कला को वैश्विक पहचान दिलाई है।


संगीत के क्षेत्र में दिया जाने वाला डागर घराना सम्मान पद्म विभूषण से अलंकृत प्रख्यात बाँसुरी वादक पंडित हरिप्रसाद चौरसिया को प्रदान किया जाएगा। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में उनकी अनुपम साधना, अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियाँ तथा संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप एवं फ्रांस के ‘ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स’ से सम्मानित उपलब्धियाँ उन्हें वैश्विक प्रतिष्ठा प्रदान करती हैं।


आदिवासी समाज के उत्थान हेतु राणा पूंजा सम्मान मेवाड़ के टीडी क्षेत्र निवासी मांडना कलाकार डिंपल चण्डात को प्रदान किया जाएगा। वे जनजातीय मांडना कला के संरक्षण एवं प्रलेखन हेतु समर्पित हैं तथा भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित हो चुकी हैं।


खिलाड़ियों को दिए जाने वाले अरावली सम्मान से राम रतन जाट एवं अवनि लेखरा को अलंकृत किया जाएगा। राम रतन जाट, भारतीय नौसेना में चीफ पेटी ऑफिसर, विश्वप्रसिद्ध अल्ट्रा-मेराथन धावक हैं। उन्होंने कैलिफ़ोर्निया में आयोजित 135 मील लंबी “वर्ल्ड्स टफेस्ट फुटरेस” पूर्ण की तथा कश्मीर से कन्याकुमारी तक 4,280.1 किमी की दौड़ 52 दिनों में पूरी कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया।


अवनि लेखरा ने गंभीर स्पाइनल कॉर्ड चोट के बावजूद पैरा शूटिंग में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। टोक्यो पैरालंपिक 2020 में उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्पर्धा में स्वर्ण तथा 50 मीटर राइफल 3 पोज़िशन SH1 में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। वे एक ही पैरालंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं तथा भारत सरकार द्वारा 2022 में पद्म श्री से सम्मानित की गईं।

संयोजक डॉ. गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष महाराणा मेवाड़ फाउण्डेशन का राज्य स्तरीय ‘विशेष सम्मान’ उदयपुर के राजेश वैष्णव को, मेवाड़ की 500 वर्ष पुरानी पवित्र जल सांझी परंपरा के संरक्षण हेतु प्रदान किया जाएगा। श्री वैष्णव, वैष्णव परंपरा की 18वीं पीढ़ी के साधक हैं और उदयपुर के वैष्णव मंदिरों के साथ ही श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा में इस कला का वैश्विक परिचय करा चुके हैं। सम्मानित विभूतियों को मंच पर फाउण्डेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ प्रत्येक को ₹ 51,001 की सम्मान राशि, तोरण, शॉल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर अलंकृत करेंगे।

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