पीआईएमएस उदयपुर में दुर्लभ दोहरी बीमारी प्सोआस हर्निया व अपेंडिसाइटिस का सफल उपचार

उदयपुर : पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीआईएमएस) में डॉक्टरों ने दुर्लभ दोहरी बीमारी प्सोआस हर्निया व अपेंडिसाइटिस का सफल उपचार किया है।
पीआईएमएस के चेयरमैन आशीष अग्रवाल ने बताया कि गत दिनों एक मरीज को पिछले एक महीने से बीच-बीच में पेट दर्द की शिकायत के चलते पीआईएमएस में भर्ती कराया गया । इसके साथ मरीज को पिछले तीन दिनों से कब्ज और उल्टी की भी समस्या थी। विस्तृत जांच और इमेजिंग के बाद मरीज में प्सोआस हर्निया (जो कि लम्बर हर्निया का एक दुर्लभ प्रकार है और एक लाख में एक को होने वाली बीमारी है तथा अपेंडिसाइटिस का पता चला।
आशीष अग्रवाल ने बताया कि प्सोआस हर्निया, जिसे अधिक सटीक रूप से लम्बर हर्निया कहा जाता है, आमतौर पर प्सोआस मांसपेशी के पास सुपीरियर लम्बर ट्रायंगल से होता है। यह अत्यंत दुर्लभ है और सामान्य सर्जिकल प्रैक्टिस में पाए जाने वाले कुल एब्डॉमिनल वॉल हर्निया के एक प्रतिशत से भी कम मामलों में देखा जाता है। इस मरीज में हर्निया के अंदर डिस्टल इलियम, एपेंडिक्स तथा सीकम पाए गए, जो इस केस को और भी जटिल बनाता है। मरीज दिव्यांग था और उसका उपचार भामाशाह योजना के अंतर्गत पीआईएमएस अस्पताल में पूर्णतः निःशुल्क किया गया।
मरीज का उपचार लैप्रोस्कोपिक सर्जरी द्वारा सफलतापूर्वक किया गया, जिसमें एक ही सत्र में हर्निया का रिडक्शन और लैप्रोस्कोपिक अपेंडेक्टॉमी की गई। यह ऑपरेशन जनरल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पी.पी. शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। ऑपरेशन में डॉ. श्रेयस, डॉ. महावीर, अशोक, एनेस्थीसिया में डॉ. कमलेश, डॉ. पीयूष एवं टीम का पूर्ण सहयोग रहा। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर रही और कोई जटिलता नहीं हुई। मरीज को स्वस्थ अवस्था में छुट्टी दे दी गई। यह मामला समय पर निदान और आधुनिक मिनिमली इनवेसिव तकनीकों की प्रभावशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिससे जटिल और दुर्लभ बीमारियों का भी सफल उपचार संभव हो सका।

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