देवर्षि नारद जयंती पर पत्रकार सम्मान समारोह

पत्रकार को दरबारी बनने से बचना चाहिए – त्रिपाठी

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उदयपुर। वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकार को कभी सत्ता का दरबारी नहीं बनना चाहिए, बल्कि निष्पक्ष और सत्यनिष्ठ रहकर समाज के प्रति अपने दायित्व निभाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज में संतुलन और सत्य की स्थापना है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उभरते भारत की सटीक तस्वीर प्रस्तुत करना आज के पत्रकारों का महत्वपूर्ण दायित्व है।


वे विश्व संवाद केंद्र समिति उदयपुर की ओर से देवर्षि नारद जयंती पर सुविवि के बप्पा रावल सभागार में आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल धर्म सत्ता के साथ खड़े होना नहीं, बल्कि सत्य के साथ खड़े होना है। पत्रकार को दरबारी बनने से बचना चाहिए और समाज समाज के सामने निष्पक्षता से तथ्य प्रस्तुत करने चाहिए। मुख्य अतिथि एमडीएस विश्व विद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश अग्रवाल ने कहा कि देवर्षि नारद की तरह पत्रकारों को भी निर्भीक और स्पष्टवादी होना चाहिए, वहीं डॉ. महावीर कुमावत ने समाज में समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। अध्यक्षता विश्व संवाद केंद्र के अध्यक्ष कमल प्रकाश रोहिला ने की। कार्यक्रम में नारद जयंती पर आधारित वृत्तचित्र प्रदर्शन, संविधान चित्र प्रदर्शनी और साहित्य स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
समारोह में पांच श्रेणियों में उत्कृष्ट पत्रकारों को देवर्षि नारद सम्मान प्रदान किया गया। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया श्रेणी में मुकेश हिंगड़, प्रिंट मीडिया में दैनिक नवज्योति के भूपेश दाधीच, छायाकार श्रेणी में बलराम मेहता, यूट्यूब चैनल श्रेणी में निपुण भार्गव तथा स्तंभकार श्रेणी में भंवर सिंह कछवाहा को सम्मानित किया गया। प्रत्येक को स्मृति चिह्न, पुस्तक और 21-21 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम की प्रस्तावना विश्व संवाद केंद्र के सचिव प्रवीण कोटिया ने प्रस्तुत की। पत्रकार मनीष मेघवाल ने श्रेणीवार सम्मानित होने वाले पत्रकारों का परिचय करवाया। संचालन भानुप्रिया और धन्यवाद अध्यक्ष कमल प्रकाश ने ज्ञापित किया।