अस्मिता लीग चैम्पियंशिप में उदयुपर की जीत में जिंक फुटबॉल एकेडमी की अहम भूमिका

उदयपुर : डीएफए उदयपुर ने डीएफए झुंझुनू को 3-1 से फाइनल में हराकर राजसमंद के भाणा में हुए अंडर—16 अस्मिता लीग चैम्पियंशिप को जीत लिया है जिसमें हिंदुस्तान जिंक की जिंक फुटबॉल ने अहम भूमिका निभाई। उदपुर की 18 सदस्यीय विजेता टीम में 10 खिलाड़ी जिंक फुटबॉल एकेडमी की थी जबकि दो खिलाड़ी जिंक फुटबॉल कम्युनिटी स्कूल से थी।

Creative from India to the World

टीम ने पूरे टूर्नामेंट के हर चरण में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और आक्रामक खेल दिखाया। मिडफील्डर साक्षी ने फाइनल में आगे बढ़कर शानदार प्रदर्शन किया और दो गोल किए, जबकि मीनू ने एक और गोल करके टीम को जीत दिलाई। प्रतिज्ञा को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया, जो गोलपोस्ट के बीच उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देता है। गोलकीपर ने टूर्नामेंट में एक गोल भी किया।

टीम का कुल मिलाकर प्रदर्शन उनकी मजबूत तैयारी और मैदान पर उनके आपसी तालमेल को दिखाता है।

2017 में स्थापित, जिंक फ़ुटबॉल एकेडमी ग्रामीण भारत से ज़मीनी स्तर की फुटबॉल प्रतिभाओं को निखारने में एक गेम-चेंजर साबित हुई है। जावर में स्थित, AIFF से मान्यता प्राप्त इस 3-स्टार एकेडमी ने अपनी शुरुआत से अब तक 5,000 से ज़्यादा युवा फुटबॉल खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया है। यह संस्थान लड़कियों के लिए भारत की सबसे बड़ी आवासीय फुटबॉल अकादमी भी है, जो 2025 में लॉन्च हुआ और पहले बैच में 20 बच्चे चुन गए जिन्हे फुल स्कॉलरशिप दी गई। मैदान से परे, यह अकादमी विकास के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है, जिसमें बेहतरीन एथलेटिक कोचिंग के साथ-साथ कड़ी शैक्षणिक सहायता और व्यक्तित्व विकास के व्यापक कार्यक्रमों को शामिल किया गया है।

अस्मिता लीग चैम्पियंशिप में उदयपुर की शुरुआत डीएफए जोधपुर पर 5-0 की आसान जीत के साथ हुई, जिसमें प्रतिज्ञा, मीनू कुमारी मीणा, साक्षी, दिव्या और गीत मीणा ने गोल किए। इसी लय को आगे बढ़ाते हुए, टीम ने सेमी-फ़ाइनल में डीएफए नागौर को 3-0 से हराया; इस मैच में आनंदी गवारिया, आशा मीणा और मीनू ने गोल दागे। फाइनल में 3-1 की जीत ने डीएफए उदयपुर और जिंक फुटबॉल अकादमी के लिए टूर्नामेंट का बढ़िया अंत किया।

वेदांता समूह की कंपनी और दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत ज़िंक उत्पादक कंपनी, हिंदुस्तान ज़िंक, विभिन्न सामाजिक हस्तक्षेपों और सामुदायिक विकास पहलों के माध्यम से समग्र सामुदायिक विकास के अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रही है। इसके तहत शिक्षा को बढ़ावा देना, कौशल विकास करना, स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करना, महिलाओं को सशक्त बनाना, स्वास्थ्य सेवा को मज़बूत करना और पर्यावरण का संरक्षण करना शामिल है। 4,400 से अधिक गांवों तक अपनी पहुँच के साथ, हिंदुस्तान ज़िंक 26 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है और समावेशी विकास तथा दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।