भविष्य में मिलेगी व्यक्ति विशेष आधारित चिकित्सा: डॉ. कीर्ति कुमार जैन

विज्ञान समिति में डॉ. डीएस कोठारी अवार्ड से नवाजा
उदयपुर।
जीबीएच ग्रुप के चेयरमैन एवं अमेरिका में चिकित्सारत विख्यात कैंसर रोग विषेषज्ञ डॉ. कीर्ति कुमार जैन ने कहा कि “प्रिसिजन मेडिसिन” यानी व्यक्ति-विशेष आधारित चिकित्सा आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की सबसे क्रांतिकारी दिशाओं में से एक बनकर उभर रही है। आने वाले वर्षों में उपचार केवल बीमारी के आधार पर नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की आनुवंशिक संरचना, जीवनशैली और जैविक विशेषताओं के अनुसार तय किया जाएगा।
डॉ. कीर्ति कुमार जैन ने विज्ञान समिति परिसर में आयोजित समारोह में संबोधित करते हुए उन्होंने चिकित्सा विज्ञान की पारंपरिक पद्धतियों से लेकर जीनोमिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोमार्कर्स तथा निरंतर स्वास्थ्य निगरानी आधारित भविष्य की चिकित्सा प्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विज्ञान, चिकित्सा और तकनीक के संगम से भविष्य में बीमारियों का पूर्वानुमान, शीघ्र पहचान और अत्यंत सटीक उपचार संभव हो सकेगा। विज्ञान समिति परिसर में विज्ञान समिति, इंस्टीट्यूषन ऑफ इंजीनियर्स, माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएषन ऑफ इंडिया तथा डॉ. डीएस कोठारी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में विषेष समारोह आयोजित हुआ। इसमें प्रमुख वक्ता डॉ. कीर्ति कुमार जैन रहे। उन्हें इस वर्ष को डॉ. डी.एस. कोठारी उत्कृष्ठता सम्मान – 2026 से नवाजा गया। समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति एवं राज्यपाल के उच्च षिक्षा परामर्षक प्रो. कैलाष सोड़ानी थे। शुरूआत में विज्ञान समिति अध्यक्ष डॉ. महीप भटनागर ने स्वागत उद्बोधन किया। कुलप्रमुख डॉ. केे.एल. कोठारी ने डॉ. डीएस कोठारी अवार्ड की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की।

Creative from India to the World