विद्यार्थियों को डिजिटल युग के रोजगार अवसरों एवं तकनीकी नवाचारों की दी जानकारी
उदयपुर : जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के संघटक डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा “डिजिटल मार्केटिंग” पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल मार्केटिंग के व्यावहारिक उपयोग, आधुनिक तकनीकों तथा वर्तमान समय में इसके बढ़ते महत्व एवं रोजगार संभावनाओं से अवगत कराना था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए डिजिटल माध्यमों के माध्यम से व्यापार, शिक्षा एवं सेवाओं के विस्तार की नवीनतम प्रक्रियाओं को समझा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभाग की निदेशक प्रो. मंजू माण्डोत के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय डिजिटल तकनीकों का युग है, जहाँ डिजिटल मार्केटिंग प्रत्येक क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि आज व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग निरंतर बढ़ रहा है, जिसके कारण युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल विकसित करने एवं डिजिटल माध्यमों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रवि वाघेला ने विद्यार्थियों को डिजिटल मार्केटिंग की कार्यप्रणाली को सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक दोनों दृष्टिकोणों से विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने सोशल मीडिया मार्केटिंग, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO), कंटेंट मार्केटिंग, ई-मेल मार्केटिंग, ऑनलाइन ब्रांड प्रमोशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मार्केटिंग तकनीकों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने लाइव डेमो के माध्यम से यह प्रदर्शित किया कि किस प्रकार डिजिटल मार्केटिंग छोटे व्यवसायों से लेकर बड़े उद्योगों तक को वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्रदान कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में डिजिटल मार्केटिंग केवल प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यवसायिक सफलता का एक प्रभावी और अनिवार्य उपकरण बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित सेवाओं की मांग और अधिक बढ़ेगी, जिससे इस क्षेत्र में कुशल युवाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएँ उपलब्ध होंगी।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने डिजिटल विज्ञापन, सोशल मीडिया अभियान निर्माण, ग्राहक व्यवहार विश्लेषण एवं ऑनलाइन प्रमोशन से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिजिटल मार्केटिंग से जुड़े करियर विकल्पों, फ्रीलांसिंग, स्टार्टअप अवसरों तथा ऑनलाइन उद्यमिता के विषय में भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विभाग के संकाय सदस्य डॉ. मनीष श्रीमाली, डॉ. भारत सिंह देवड़ा, डॉ. गौरव गर्ग, डॉ. प्रदीप सिंह शक्तावत, डॉ. भरत सुखवाल, डॉ. दिलीप चौधरी, श्री मुकेश नाथ, श्री दुर्गाशंकर, श्री त्रिभुवन सिंह बमनिया, मानसी नागर, मनोज यादव एवं चिराग दवे उपस्थित रहे। सभी संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए डिजिटल शिक्षा एवं नवाचार के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभाग के सभी संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय योगदान दिया। अंत में आयोजकों द्वारा मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार की तकनीकी एवं कौशल आधारित कार्यशालाओं के आयोजन की बात कही गई।

