पिम्स अस्पतालः दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे नवजात का सफल ऑपरेशन, मिला जीवनदान

उदयपुर । पैसिफिक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (पिम्स ), उमरड़ा के पीडियाट्रिक सर्जरी (बच्चों की सर्जरी) विभाग में एक नवजात बच्चे की अत्यंत जटिल व दुर्लभ सर्जरी सफलतापूर्वक की गई।
पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. अतुल मिश्रा ने बताया कि उदयपुर निवासी एक शिशु का जन्म पिम्स अस्पताल में हुआ था। बच्चे को जन्म से डूयूडेनल एट्रीसिया (DUODENAL ATRESIA) नाम की गंभीर सर्जिकल बीमारी थी, जिसमें आंत का एक हिस्सा (DUODENUM) ठीक से बना हुआ नहीं होता। इसके साथ ही बच्चे को एक और दुर्लभ समस्या थी कि उसके सभी आंतरिक अंग शरीर में विपरीत दिशा यानी उल्टी तरफ थे (जो अंग दाएं तरफ होने चाहिए वे बाईं तरफ थे)। इसे चिकित्सकीय भाषा में SITUS INVERSUS बोलते हैं।
डॉ. मिश्रा के अनुसार, यह स्थिति अमूमन अपने आप में दिक्कत नहीं देती, लेकिन उपरोक्त बीमारी के साथ होना अत्यंत दुर्लभ है और ऑपरेशन के दौरान तकनीकी जटिलताएं बढ़ाने वाला होता है। सांख्यिकी के अनुसार, करीब 5-10,000 नवजातों में से किसी एक को डूयूडेनल एट्रीसिया होता है, परंतु इन दोनों बीमारियों का एक साथ होना कई लाख नवजातों में से किसी एक मामले में पाया जाता है।
3 घंटे चला जटिल ऑपरेशन :
लगभग 3 घंटे चले इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में आंतों को सही ढंग से जोड़ा गया। अंगों के उल्टी तरफ होने के कारण प्रक्रिया बेहद कठिन थी। कई दिनों की टीम की मेहनत के बाद बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि बच्चे का प्रीमैच्योर होना व कम वजन (1.7kg) एक अतिरिक्त चुनौती थी।
इनका रहा विशेष सहयोग :
इस सफल प्रक्रिया में एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. पीनू, डॉ. साक्षी, डॉ. जाह्नवी, डॉ. त्यागी, डॉ. मुस्कान, पीडियाट्रिक विभाग के डॉ. विवेक पाराशर, डॉ. राहुल खत्री, डॉ. मनोज एवं स्टाफ सदस्य रेशमा, शिव, राहुल, दीपक व अरुण इत्यादि ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जननी सुरक्षा योजना में निःशुल्क उपचार :
पिम्स चेयरमैन आशीष अग्रवाल ने जानकारी दी कि बच्चे का पूरा उपचार राज्य सरकार की जननी सुरक्षा योजना के तहत पूर्णतः निःशुल्क हुआ है। उन्होंने बताया कि पिम्स अस्पताल नवीनतम सुविधाओं से सुसज्जित है व उदयपुर संभाग के चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

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