वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 का भव्य शुभारंभ
कलश यात्रा निकाली, जल एवं पीपल पूजन, जल एवं पर्यावरण संरक्षण का दोहराया संकल्प
उदयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश भर में जल संचय और जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागृति के महाभियान वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ। उदयपुर में जिला स्तरीय कार्यक्रम दूधतलाई पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, प्रभारी सचिव टी. रविकांत तथा जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान गाजे-बाजे के साथ प्रभात फेरी एवं कलश यात्रा निकाली गई, वहीं झील किनारे जल एवं पीपल पूजन कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत पौधारोपण के साथ हुआ। दूधतलाई स्थित वन विभाग की नर्सरी में केबिनेट मंत्री खराड़ी, प्रभारी सचिव टी रविकान्त, जिला कलक्टर अग्रवाल, समाजसेवी प्रमोद सामर, गजपालसिंह, पुष्कर तेली सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने पौधरोपण किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन के लिए अधिकाधिक पौधे लगाने का आह्वान किया गया। अतिथियों ने कहा कि जल और वन एक-दूसरे के पूरक हैं तथा हर व्यक्ति को प्रकृति संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
अभियान के तहत दूधतलाई स्थित मंदिर के समीप से प्रभातफेरी एवं कलश यात्रा आयोजित हुई। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल महिलाओं एवं युवतियों ने कलश धारण कर जल संरक्षण का संदेश दिया। वहीं स्काउट-गाइड, एनएसएस आदि स्वयंसेवक ने हाथों में जल संरक्षण के बैनर तख्तियां लेते हुए प्रभातफेरी में शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और जल संरक्षण के नारे की गूंज के बीच निकली इस कलश यात्रा में केबिनेट मंत्री श्री खराड़ी सहित सभी अतिथि शामिल हुए।


झील किनारे आयोजित विशेष कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री खराड़ी सहित सभी अतिथियों ने मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत् रूप से जल एवं पीपल पूजन किया। इस अवसर पर जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण का संकल्प लिया गया। अतिथियों ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल और वृक्षों का विशेष महत्व है तथा इनके संरक्षण से ही पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सकता है।
मंचीय कार्यक्रम के दौरान केबिनेट मंत्री ने उपस्थित जनसमूह को जल एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। सभी ने जल बचाने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने एवं अधिकाधिक पौधरोपण करने का संकल्प लिया। मंत्री श्री खराड़ी ने अपने उद्बोधन में कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसके संरक्षण के बिना भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का महाअभियान है। उन्होंने आमजन से वर्षा जल संचयन, पौधरोपण और जल स्रोतों की सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। प्रभारी सचिव टी. रविकांत ने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर देते हुए कहा कि प्रशासन और आमजन के संयुक्त प्रयासों से ही स्थायी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने बताया कि जिलेभर में अभियान के तहत व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने सभी विभागों, स्वयंसेवी संगठनों एवं युवाओं से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। अतिथियों ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई राजीविका की स्टॉल का उद्घाटन कर अवलोकन किया। कार्यक्रम में समाजसेवी प्रमोद सामर, गजपाल सिंह, पुष्कर तेली, नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना, जिला परिषद सीईओ विरमाराम, एडीएम प्रशासन दीपेंद्र सिंह राठौड़, एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा, मुख्य वन संरक्षक महेश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
राज्य सरकार जल संरक्षण को सामाजिक दायित्व एवं जनजागरूकता से जोड़ स्थायी समाधान के लिए प्रयासरत – खराड़ी
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के शुभारंभ अवसर पर सुबह कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का व्यापक प्रयास है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जल संरक्षण को सामाजिक दायित्व एवं जनजागरूकता से जोड़ते हुए स्थायी समाधान की दिशा में कार्य कर रही है।

मंत्री खराड़ी ने बताया कि “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” का शुभारंभ पावन अधिकमास एवं गंगा दशमी के अवसर पर किया गया है। अभियान 25 मई से विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून तक प्रदेशभर में ग्राम स्तर तक संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि राजस्थान जैसे जल संकट प्रभावित प्रदेश में “हर बूंद की कीमत” को समझते हुए सरकार जनभागीदारी आधारित मॉडल पर कार्य कर रही है। अभियान में जनप्रतिनिधियों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, उद्योग जगत एवं आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। खराड़ी ने बताया कि जिलेभर में प्रभात फेरियां, कलश यात्राएं, जल पूजन, पौधरोपण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही नदी, तालाब, बांध, नहर, बावड़ी एवं पारंपरिक जल स्रोतों की साफ-सफाई और पुनर्जीवन का कार्य भी श्रमदान के माध्यम से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकों तक उन्नत कृषि तकनीक, सूक्ष्म सिंचाई, फसल विविधीकरण, जल प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती जैसी उपयोगी जानकारियां पहुंचाई जाएंगी। इसके लिए किसान चैपाल, कृषि कार्यशालाएं एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे कम पानी में अधिक उत्पादन के मॉडल को बढ़ावा मिल सके। मंत्री श्री खराड़ी ने बताया कि राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। “वंदे गंगा” अभियान के साथ “हरियालो राजस्थान” अभियान की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। इस मानसून उदयपुर जिले में लगभग 57 लाख पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने आमजन से प्रत्येक परिवार द्वारा कम से कम एक पौधा लगाने एवं उसकी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष अभियान के तहत जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं एवं ग्राम पंचायतों को जिला प्रशासन द्वारा “जल गौरव सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा।
मंत्री श्री खराड़ी ने बताया कि वर्ष 2025 के अभियान के दौरान 22 हजार से अधिक कार्यक्रम एवं गतिविधियां आयोजित की गई, इसमें लगभग 19 लाख 77 हजार लोगों ने भागीदारी निभाई। 1392 से अधिक स्थानों पर श्रमदान किया गया तथा 5928 से अधिक जल स्रोतों की साफ-सफाई एवं पुनर्जीवन कार्य किए गए। अंत में मंत्री श्री खराड़ी ने मीडिया प्रतिनिधियों से अभियान में सक्रिय सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि मीडिया के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाकर इस अभियान को वास्तविक जन आंदोलन बनाया जा सकता है।
