समाधान परियोजना के तहत किसानों को मिलेगी सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच
उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक, जिंक स्मेल्टर देबारी के परिचालन क्षेत्र, बिछड़ी गांव में समाधान परियोजना के तहत कॉमन सर्विस सेंटर का उद्घाटन किया गया। इस केंद्र के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों को किफायती दरों पर विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की सामाजिक कल्याण योजनाओं में पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।
कार्यक्रम में बिछड़ी गांव के बायफ राज्य (राजस्थान) पवन पाटीदार, हेड सीएसआर जिं़क स्मेल्टर देबारी रुचिका चावला, उपसरपंच लोकेश पालीवाल, धर्मा, बाबू सिंह एवं जीएमएफपीओ के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर चुन्नीलाल सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह में आसपास के गांवों से लगभग 60 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों में लगभग 90 प्रतिशत महिला किसान थीं, जो ग्रामीण महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और जागरूकता को दर्शाता है। यह पहल ग्रामीण समुदाय को सशक्त बनाने, सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने और सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभों के बारे में जानकारी दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाना आज की आवश्यकता है। कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों एवं किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा उनमें ऑनलाइन भागीदारी एवं आवेदन करने में सुविधा मिलेगी। इससे ग्रामीण समुदाय को सरकारी सेवाओं के लिए दूर स्थित कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी। कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीण परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं में भागीदारी बढ़ाने, ऑनलाइन आवेदन करने, आवश्यक दस्तावेज एवं सेवाएं प्राप्त करने तथा डिजिटल माध्यम से सरकारी सेवाओं तक पहुंच बनाने में सहयोग मिलेगा। इससे ग्रामीण समुदाय में डिजिटल जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी अधिक सुगम होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने देबारी क्लस्टर में कॉमन सर्विस सेंटर की शुरुआत का स्वागत किया तथा इसे गांव के लोगों के लिए उपयोगी सुविधा बताया। किसानों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर ऐसी सुविधा उपलब्ध होने से समय एवं संसाधनों की बचत होगी और सरकारी योजनाओं से जुड़ने में आसानी होगी। इस पहल का उद्देश्य किसानों और ग्रामीण समुदाय को सरकारी सेवाओं से जोड़ना तथा योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना है।

