उदयपुर। नारायण सेवा संस्थान के सेवा महातीर्थ में आयोजित ‘अपनों से अपनी बात, भोलेनाथ के साथ’ शिव कथा में श्रद्धा, भक्ति और जीवन मूल्यों का सुंदर समागम देखने को मिल रहा है। कथा के दौरान संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने भगवान शिव के चरित्र और शिव तत्व की व्याख्या करते हुए कहा कि मनुष्य के भीतर जब अहंकार का पर्दा पड़ जाता है, तब उसे अपना-पराया, सत्य-असत्य और उचित-अनुचित का भेद दिखाई देना बंद हो जाता है।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव हमें सहजता, समभाव और त्याग का संदेश देते हैं। शिव का जीवन बताता है कि महानता पद, प्रतिष्ठा या संपत्ति में नहीं, बल्कि दूसरों के दुःख को अपना समझने में है। जिस मन में अहंकार बढ़ता है, वहां रिश्तों में दूरी और मन में अशांति जन्म लेने लगती है। इसके विपरीत विनम्रता मनुष्य को परिवार, समाज और मानवता से जोड़ती है।
प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि आज मनुष्य भौतिक उपलब्धियों के पीछे भागते हुए अपनों से ही दूर होता जा रहा है। रिश्तों में अपेक्षा और स्वार्थ बढ़ने से प्रेम का स्थान अहंकार लेने लगा है। ऐसे समय में शिव की आराधना केवल मंदिर तक सीमित न रहकर उनके गुणों को जीवन में उतारने की आवश्यकता है। कथा में भगवान शिव की महिमा, त्याग, करुणा और समभाव से जुड़े प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भजनों और शिव स्तुति के बीच श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
जब मन पर अहंकार का पर्दा पड़ता है, अपना-पराया भूल जाता है : प्रशांत अग्रवाल
