58 वाहनों का निःशुल्क पीयूसी चेक, 605 लोगों ने लिया स्वच्छ वायु का संकल्प
सभी कॉलेजों में हुए जागरूकता सत्र, साई तिरूपति यूनिवर्सिटी एनएसएस टीम की भी रही सक्रिय सहभागिता
उदयपुर | इंटरनेशनल डे ऑफ़ क्लीन एयर फॉर ब्लू स्काइज के अवसर पर साई तिरूपति यूनिवर्सिटी, उदयपुर में स्वच्छ हवा एवं वायु प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष अभियान आयोजित किया गया। इसके तहत विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों में अवेयरनेस सेशंस आयोजित किए गए, जिसमें विद्यार्थियों, फैकल्टी एवं स्टाफ को वायु प्रदूषण के कारणों, इसके स्वास्थ्य पर प्रभाव तथा प्रदूषण को कम करने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान 58 वाहनों का पीयूसी (पोलुशन अंडर कंट्रोल) चेक निःशुल्क किया गया। वहीं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, फैकल्टी, स्टाफ, मरीजों एवं मरीजों के परिजनों सहित कुल 605 लोगों ने क्लीन एयर प्लेज लेकर स्वच्छ हवा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर साई तिरूपति यूनिवर्सिटी के चेयरमैन आशीष अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छ हवा हर व्यक्ति के स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक है। पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों और युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करके हम आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और स्वस्थ वातावरण तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करते हैं।
साई तिरूपति यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. प्रशांत नाहर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ वायु और स्वस्थ पर्यावरण हमारे वर्तमान और भविष्य दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक है। विश्वविद्यालय सदैव ऐसे जनहितकारी अभियानों के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। साई तिरूपति यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. देवेंद्र जैन, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. कनुप्रिया तिवारी, डॉ. ज्योति तोमर, सुश्री कोमल दशोरा एवं राजेश चौबीसा सहित फैकल्टी एवं स्टाफ की उपस्थिति रही। साई तिरूपति यूनिवर्सिटी एनएसएस टीम ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
अभियान का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिवार में स्वच्छ हवा, स्वस्थ जीवन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा दैनिक जीवन में प्रदूषण कम करने के लिए जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
