उदयपुर की बेटी अधिवक्ता शुभिका जोशी याचिका अधिवक्ता
उदयपुर। दिल्ली हाईकोर्ट में कानून के प्रोफेसर डॉ. विकास कथूरिया द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित है। याचिका अधिवक्ता कार्तिका शर्मा और अधिवक्ता शुभिका जोशी द्वारा दायर की गई है। बड़ी बात यह है कि शुभिका उदयपुर की बेटी है।
याचिका में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के ऐसे डिजाइन और आर्किटेक्चर का मुद्दा उठाया गया है, जो उपयोगकर्ताओं को अत्यधिक और बार-बार सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करता है। याचिका में भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ऐसे एडिक्टिव डिजाइन फीचर्स पर रोक लगाने की मांग की गई है, जो सोशल मीडिया के अत्यधिक और समस्याग्रस्त उपयोग को बढ़ावा देते हैं। इसके परिणामस्वरूप, विशेषकर किशोरों में मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की चिंता व्यक्त की गई है।
यह मामला 9 सितंबर 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। हालांकि, पीठ के एक माननीय न्यायाधीश के मामले से अलग होने (recusal) के बाद अब इस मामले को अगले सप्ताह अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा।
याचिका में इनफिनिट स्क्रॉल, ऑटोप्ले, एल्गोरिदम आधारित क्यूरेटेड फीड्स, लगातार आने वाले नोटिफिकेशन्स और “लाइक्स” जैसे वैरिएबल-रिवार्ड फीचर्स को प्रतिबंधित, नियंत्रित या विनियमित करने के निर्देश देने की मांग की गई है, जो उपयोगकर्ताओं का ध्यान आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए डिजाइन किए गए हैं। याचिका में कानून बनने तक इस संबंध में उचित दिशा-निर्देश जारी करने तथा उपयोगकर्ताओं को हो चुके नुकसान के लिए उचित मुआवजे के माध्यम से जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई है।
याचिका में इस मुद्दे को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के कंटेंट से अलग उनके डिजाइन और आर्किटेक्चर से जोड़ा गया है तथा बच्चों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य, कल्याण और विकास पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के एडिक्टिव डिजाइन पर पीआईएल
