बाल विवाह रोकने को उदयपुर में चलेगा जागरूकता का व्यापक अभियान

जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर होंगी गतिविधियां
विभागों को दिए गए समन्वित आयोजन के निर्देश
उदयपुर।
बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम के लिए उदयपुर जिले में जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और विधिक प्रवर्तन पर जोर देते हुए विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिला मजिस्ट्रेट उदयपुर की ओर से संबंधित विभागों को निर्धारित गतिविधि कैलेंडर के अनुसार जिला, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार की ओर से 29 अप्रैल 2025 को ‘बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान’ का शुभारंभ किया गया था। अभियान का उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम के साथ आमजन में व्यवहार परिवर्तन, जन-जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में विभिन्न विभागों के सहयोग से गतिविधियों का मासिक कैलेंडर जारी किया गया है।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत सितम्बर माह में शिक्षक दिवस और अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर विद्यालयों में बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर चर्चा, निबंध प्रतियोगिता, वॉल पेंटिंग तथा नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियां आयोजित की गई। वहीं अब अक्टूबर में गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम सभाओं में बाल विवाह के विरुद्ध विशेष चर्चा तथा महिला नेतृत्व कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पंचायत राज विभाग को ग्राम सभाओं में बाल विवाह मुक्त ग्राम बनाने के लिए कार्ययोजना पर चर्चा करने तथा ग्रामीण विकास विभाग को महिला शक्ति समूहों के माध्यम से संवाद आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
अभियान के तहत बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर भी विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। नवरात्रि/दुर्गा पूजा के दौरान बालिकाओं के अधिकार एवं सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता गतिविधियां, नवंबर में बाल अधिकार सप्ताह के दौरान बाल मेले एवं संवाद कार्यक्रम तथा विद्यालयों में बाल अधिकार एवं कानूनों की जानकारी देने वाली गतिविधियां होंगी। राष्ट्रीय बालिका दिवस (24 जनवरी) के अवसर पर बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ परिवर्तनकर्ताओं और प्रेरणास्रोत व्यक्तियों को जिला स्तर पर सम्मानित करने की गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं।
दिसंबर में जिला स्तर पर बाल विवाह के विरुद्ध आयोजित गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। सभी विभागों की भागीदारी से पिछले छह माह की गतिविधियों पर जिला रिपोर्ट तैयार कर उसका प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद आगामी कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर रहेगा। जनवरी में ‘करियर डे’ के तहत युवाओं, विशेषकर किशोर-किशोरियों के साथ संवाद कर आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता और सामाजिक जीवन में इसके महत्व पर चर्चा की जाएगी। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्धारित कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करने तथा गतिविधियों की प्रगति से संबंधित रिपोर्ट साझा करने के निर्देश दिए हैं।