मेडिकल स्टूडेंट्स ने कला, संगीत और अभिव्यक्ति से दिया मानसिक स्वास्थ्य का संदेश’

मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत स्कूलों और नशामुक्ति केंद्रों में भी हुए जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और माइंड गेम्स से दिया स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
उदयपुर।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत बेडवास स्थित अमेरिकन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के क्लिनिकल मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का शनिवार को समापन हुआ। 5 से 10 अक्टूबर तक चले इस छह दिवसीय आयोजन में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कुल 17 गतिविधियों आयोजित हुई।
क्लिनिकल मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति शर्मा ने बताया कि इस सप्ताह का उद्देश्य छात्रों, चिकित्सकों और आमजन में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक संवाद स्थापित करना था। उन्होंने बताया, मानसिक स्वास्थ्य का मतलब सिर्फ बीमारी का न होना नहीं है, बल्कि यह है कि व्यक्ति तनाव को संभाल सके, अपनी क्षमता को पहचान सके और समाज में अपना योगदान दे सके। इस बार हमने कला, संगीत और अभिव्यक्ति को माध्यम बनाया ताकि मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर मुद्दों पर बात सरल और संवेदनशीलता से की जा सके। मेडिकल स्टूडेंट्स, चिकित्सकों और फैकल्टी सदस्यों ने इनमें उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सप्ताह भर में हुई 17 गतिविधियाँ :
5 अक्टूबर से शुरू हुए सप्ताह में पोस्टर प्रतियोगिता और स्किट, फ्री-फ्लोइंग ड्राइंग आर्ट और बैलून एंग्जायटी एक्टिविटी – जहाँ छात्रों ने अपनी चिंताओं को गुब्बारों में लिखकर छोड़ा, बी-योर-फ्रेंड सेल्फ-कम्पैशन एक्टिविटी और क्ले आर्ट, कलर एनालिसिस, इमोशनल अंताक्षरी, साउंड थेरेपी, विजन बोर्ड और सुसाइड प्रिवेंशन पर विशेष स्किट, विजुअल मेडिटेशन, ब्लॉक आर्ट, व्हाइट बेडशीट पेंटिंग और जैमिंग नाइट, और वर्कशॉप व नुक्कड़ नाटक के साथ भव्य समापन हुआ।
प्रकृति से मिलता है मानसिक संतुलन का संदेश :
मुख्य अतिथि एवं डायरेक्टर डॉ. प्रिया जैन ने प्रकृति के रंगों, फूल-पत्तियों की आकृतियों और प्राकृतिक सौंदर्य के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रकृति न केवल रचनात्मकता को प्रेरित करती है, बल्कि भावनात्मक एवं मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक हो सकती है। कॉलेज प्राचार्य डाॅ. विनय जोषी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इस प्रकार के आयोजन न केवल जागरूकता बढ़ाते हैं बल्कि संवेदनशीलता भी विकसित करते हैं। कार्यक्रम में 200 से अधिक विद्यार्थियों और फैकल्टी ने भागीदारी की।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. पुष्प सहित डॉ. अब्दुल शाजिद, डॉ. अन्नू जैन और डॉ. दिव्या ने जीवन में संतुलन, सामंजस्य, मानसिक सुकून और सकारात्मकता के महत्व पर विचार साझा किए। समापन पर विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।