हिंदुस्तान जिंक द्वारा प्रदेश में 5 जिलों के 95 गांवों में पशुस्वास्थ्य शिविरों का आयोजन

उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक द्वारा आसपास के समुदायों के उत्थान हेतु संचालित कार्यक्रमों के तहत् पिछले एक माह में आयोजित पशु स्वास्थ्य शिविरों से 3 हजार 400 से अधिक पशुपालक लाभान्वित हुए। समाधान परियोजना के माध्यम से स्थायी कृषि आधारित आजीविका हेतु किसानों और पशुपालकों की आय में सुधार इस कार्यक्रम का मुख्य उद्धेश्य है। शिविरों में 35 हजार से अधिक पशुओं के स्वास्थ्य की जांच कर परामर्श एवं चिकित्सा की गयी। जिंक द्वारा किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण और उनकी आजीविका बढ़ाने हेतु जानकारी प्रदान की जा रही है। शिविरों में पशुओं को कृमिनाशक, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान (एआई) के साथ-साथ मानसून के मौसम से संबंधित बीमारियों के उपचार के लिए सेवाएं प्रदान की गईं।
संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, चित्तौड़गढ़ डॉ. नेत्रपाल सिंह ने पशुधन विकास के क्षेत्र में हिंदुस्तान जिंक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन पशु स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से पशुधन विकास और पशु कल्याण के बारे में जागरूकता के लिए जिंक समुदाय के हर व्यक्ति तक पहुंचा है। इस पहल के माध्यम से उन्होंने पशुओं में नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान पर भी कार्य किया है।
जिंक की समाधान परियोजना द्वारा सामुदायिक विकास में न केवल स्थानीय समुदायों का स्वास्थ्य और हित शामिल है, बल्कि उनकी आजीविका के साधन उनके खेतों और पशुओं तक भी पूरा ध्यान है। समाधान परियोजना के माध्यम से 30000 किसानों और पशुपालकों के स्वामित्व वाले मौजूदा कृषि-आधारित संसाधनों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए डोमेन विशेषज्ञों के इनपुट के साथ-साथ सर्वोत्तम वैज्ञानिक तकनीकों को जोड़ा है। पशु स्वास्थ्य शिविर पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि और पशुओं की नस्ल सुधार के साथ-साथ निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सुनिश्चित करते हैं। कंपनी का लक्ष्य देश को बेहतर बनाना है और उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हिन्दुस्तान जिंक हर संभव संसाधनों और विशेषज्ञता के साथ अपने देश को मजबूत बनाना चाहते हैं।
समाधान परियोजना न केवल पशु स्वास्थ्य शिविर और किसानों को नियमित जागरूकता एवं जानकारी प्रदान कर रहा है बल्कि उन्नत कृषि एवं पशुपालन तकनीक के लिये प्रशिक्षण एवं फिल्ड एक्सपोजर भी प्रदान करता है। परियोजना के तहत् पशु चिकित्सक सेवाएं प्रदान कर मवेशियों के लिए ताजा और उच्च पोषण आहार की जानकारी हमेशा प्रदान करते हैं।
हिंदुस्तान जिंक अजमेर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, उदयपुर और राजसमंद के आधार पर कृषि समुदाय की आय-सृजन क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से समाधान परियोजना संचालित कर रहा है। सहयोगी संस्था बायफ द्वारा यह परियोजना 4 वर्षों से अधिक समय से क्रियान्वित की जा रही है। अब तक नवीन तकनीक की जानकारी एवं प्रशिक्षण के माध्यम से लगभग 14 हजार किसानों और बेहतर पशु प्रजनन और पशुालन हेतु सलाह से 15 हजार से अधिक 14,517 पशुपालक किसानों को लाभान्वित किया है। समाधान 263 एकड़ भूमि को फलदार पौधों के साथ विकसित करने, पारिस्थितिक संतुलन और समुदाय की आर्थिक सुरक्षा में सुधार करने में सक्षम है। एकीकृत पशुधन विकास केंद्रों के माध्यम से 5 हजार से अधिक बछडियों के प्रजनन से 1.5 गुना अधिक दूध उत्पादन संभव हुआ है। पशु स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 1 लाख से अधिक पशु लाभान्वित हुए है।

Related posts:

सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय के साथ बी.टेक छात्रों को सशक्त करेगी ज़ेबिया अकादमी

Upstox Joins IPL As Official Partner

आईडीएफसी एएमसी ने फंड प्रबंधन टीम को मजबूत किया

P&G Shiksha and NGO Pratham Foundation Conclude Special Summer Camp

विश्व एड्स दिवस पर हिन्दुस्तान जिंक के छह स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम

70 प्रतिशत से अधिक मिर्गी के मामलों में दवाओं से ही सफल उपचार : डॉ. मनीष कुलश्रेष्ठ

फ्लिपकार्ट के सेलर कॉन्क्लेव से 800 सेलर्स के लिए खुले  प्रगति, नवाचार एवं सफलता के रास्ते

जिंक को ‘डॉउ जोन्स’ सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स में 5 वां स्थान

कोटक म्यूचुअल फंड ने एसआईपी, एसटीपी और एसडब्ल्यूपी के लिए  स्मार्ट सुविधा की शुरुआत की

माइनिंग ऑपरेशन्स में सरफेस पर महिलाओं को नाईट शिफ्ट में शामिल कर हिन्दुस्तान जिंक ने रचा इतिहास

Hindustan Zinc Shines with 6 Awards atRajasthan State’s Prestigious 28thBhamashahAwards

Shriram Super 111 Wheat Seed increases yield of wheat for farmers in Rajasthan