सिंगर से साध्वी बनने जा रही दीक्षार्थिनी का तेरापंथ समाज ने किया अभिनंदन

8 दिसम्बर को होगी 8 मुमुक्षओं की सिरियारी में दीक्षा
भक्ति करते-करते मिला मुक्ति का रास्ता- दीक्षार्थिनी पीपाड़ा
उदयपुर।
तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अनुशास्ता आचार्य महाश्रमण के कर कमलों से 8 दिसम्बर को सिरियारी में आयोजित होने जा रही 8 मुमुक्षओं की जैन भगवती दीक्षा महोत्सव के तहत दीक्षार्थिनी सोनल पीपाड़ा का शासनश्री मुनि सुरेशकुमार के सहवर्ती मुनि संबोध कुमार ‘मेधांश’ के सान्निध्य में तेरापंथ समाज द्वारा तेरापंथ भवन अणुव्रत चौक में समारोहपूर्वक अभिनंदन किया गया।
तेरापंथ महिला मंडल के समूह गान ‘जिन्दगी के सारे रंग देखके चल दिए विराग के रास्ते’ से शुरू हुए समारोह में मुनि सम्बोध कुमार ‘मेधांश’ ने कहा कि ग्लेमर, स्पोट्र्स में हम एक सीमित समय तक सेलेब बने रह सकते हैं। मुनि जीवन लाइफटाइम सेलिब्रेटी होकर जीने का पथ है। अगर स्टेटस, पैसा, बड़ी इमारतों की जागीरदारी में खुशी होती तो दस हजार करोड़ की सम्पत्ति का दान कर बिजनेस टाइकून भिक्षु, मॉडल से मॉन्क, सिंगर से कोई साध्वी ना बनते। हमने प्रकृति के साथ जीना छोड़ दिया है, इसलिए समस्याएं मुंह बाए खड़ी है। जैनधर्म में दीक्षीत होने वाला व्यक्ति प्रकृति को अपनी खुशी से पहुंचने वाले नुकसानों से सृष्टि की रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि अपनी ऊर्जाओं को फिजूल ना होने दे। जिसे ‘जो प्राप्त है वहीं पर्याप्त है’ सूत्र समझ में आ गया, वह घर में रहकर भी निर्मोही होकर जी सकता है।
सिंगर से साध्वी बनने जा रही दीक्षार्थिनी सोनल पीपाड़ा ने अपने वैराग्य की पटकथा सुनाते हुए कहा कि मुनि जीवन सुख शैय्या है। मैंने साध्वी प्रमुखा कनकप्रभा को देखा। उन्हें देखते ही कहा, मुझे आप पसंद आ गए, एक वर्ष के लिए कोई त्याग करा दे। उन क्षणों में वो एक वर्ष के किए गए त्याग का परिणाम है कि आज जीवन भर के लिए महाव्रत पथ अपनाने जा रही हूं । नौ वर्ष की उम्र में पिता के व्यवसाय से जुड़ी 18 वर्ष की उम्र में दीक्षा लेने का विचार बना। पूरे दस वर्ष बाद आज मेरे अनंत संसार से पार जाने की कामना सिद्ध हो रही है। भक्ति करते-करते मुझे मुक्ति का रास्ता मिल गया।
समारोह में तेरापंथ सभाध्यक्ष अर्जुन खोखावत ने कहा कि सिंह वृति से संयम लेने जा रहे हैं, सिंह वृति से सिद्धि वरण करे। इस मौके टी.पी.एक अध्यक्ष हिमांशुराय नागौरी, राष्ट्रीय मुख्य न्यासी चंद्रेश जैन, राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष मुकेश बोहरा, अभातेयुप के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य अजित छाजेड, ते.यु.प अध्यक्ष अक्षय बडाला, महिला मंडल अध्यक्षा सीमा पोरवाल, अणुव्रत समिती अध्यक्ष आलोक पगारिया ने भावपूर्ण विचारों से मुमुक्ष के प्रति मंगल भावना व्यक्त की।  मंच संचालन संगठन मंत्री अभिषेक पोखरना ने जबकि आभार महेश पोरवाल ने ज्ञापित किया ।

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