जनाना महल में होंगे तीन दिवसीय विविध आयोजन
उदयपुर : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से सिटी पैलेस म्यूजियम, उदयपुर में 14 से 16 अगस्त 2026 तक विविध सांस्कृतिक एवं विरासत आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय आयोजन का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस की भावना को मेवाड़ की जीवंत सांस्कृतिक विरासत, संगीत, पारंपरिक खान-पान और स्थानीय उद्यमशीलता से जोड़ना है।
इस अवसर पर सिटी पैलेस के जनाना महल में ‘सप्त-रस’ नामक विशेष मंच आयोजित किया गया है। इसके माध्यम से उदयपुर-मेवाड़ क्षेत्र की पारंपरिक खाद्य संस्कृति, देशज सामग्री, पारंपरिक व्यंजनों तथा स्थानीय उत्पादों को आमजन एवं देशी-विदेशी पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। इस पहल में स्थानीय छोटे उद्यमियों, महिला-नेतृत्व वाले छोटे व्यवसायों, स्वयं सहायता समूहों, स्टार्ट-अप्स, जैविक एवं प्राकृतिक खाद्य उत्पादकों, मिलेट आधारित उत्पादों तथा जनजातीय खाद्य परंपराओं से जुड़े उद्यमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के दिशा-निर्देशानुसार आयोजित यह पहल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को समकालीन संदर्भों से जोड़ने के साथ-साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को स्थानीय स्तर पर सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। फाउंडेशन का मानना है कि विरासत केवल स्मारकों और संग्रहालयों में संरक्षित वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि संगीत, भोजन, लोक परंपराओं, उद्यमिता और समुदायों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से निरंतर जीवंत रहती है। यह पहल स्टार्टअप इंडिया तथा प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम एसवीए निधि) जैसी भारत सरकार की पहलों के व्यापक उद्देश्यों के अनुरूप स्थानीय स्तर पर उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने का प्रयास है।
फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मयंक गुप्ता ने बताया कि फाउंडेशन का यह प्रयास भोजन को केवल स्वाद तक सीमित न रखते हुए उसे ‘जीवंत विरासत’ के महत्वपूर्ण अंग के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में है। स्थानीय किसान, कारीगर, जनजातीय समुदाय और छोटे उद्यमी पीढ़ियों से चली आ रही खाद्य परंपराओं एवं देशज ज्ञान को वर्तमान समय में आगे बढ़ाने के सार्थक प्रयास हैं।
तीन दिवसीय आयोजन के माध्यम से सिटी पैलेस म्यूजियम में स्वतंत्रता दिवस का उत्सव ‘विरासत से आत्मनिर्भरता तक’ की भावना को समर्पित रहेगा, जिसमें संस्कृति, संगीत, स्थानीय स्वाद और उद्यमशीलता एक साझा मंच पर दिखाई देंगे।

